कोरोना की दूसरी लहर में टले 3890 ऑपरेशन, आम मरीजों को नहीं मिल रही राहत
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण के चलते सरकारी चिकित्सालयों में ओपीडी सेवा बंद होने के साथ गंभीर मरीजों को ऑपरेशन न होने की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है। जो चिकित्सकों के कोविड ड्यूटी में लगे होने के कारण समस्या बनी हुई है। फिलहाल जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से नाममात्र डिलीवरी हो रही है। वहीं, निजी अस्पतालों में पांच फीसदी गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में जिले में 3890 ऑपरेशन टल चुके हैं। इससे आम मरीजों को राहत नहीं मिल रही है।
कोरोना संक्रमण से पूर्व मार्च माह में जिला अस्पताल में प्रतिदिन पथरी, हार्निया, आंख और दांत आदि के करीब 30 से 40 ऑपरेशन प्रतिदिन हो रहे थे। जो गत एक माह से बंद चल रहे हैं। साथ ही जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन पांच से 10 डिलीवरी ऑपरेशन से हो रही थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद से प्रतिदिन एक या दो डिलीवरी हो रही हैं। वहीं, दूसरी ओर निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 100 से 120 ऑपरेशन हुआ करते थे जो महज अब निगेटिव रिपोर्ट होने पर पांच से 10 तक सीमित हो गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण फिलहाल ऑपरेशन की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया हैं।
एक माह से कर रहे हैं इंतजार
जिला अस्पताल में 17 अप्रैल के बाद से ऑपरेशन की सभी प्रक्रिया बंद चल रही हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार करीब एक माह में 350 से अधिक लोगों को ऑपरेशन की तिथि दी गई थी। जो संक्रमण के चलते स्थगित कर दी गई।
बोले लोग
जिला अस्पताल में आंख का ऑपरेशन कराने के लिए चिकित्सकों द्वारा एक मई का समय दिया गया था। इससे पूर्व ही अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं छोड़कर अन्य सेवाएं बंद चल रही हैं। टेलीमेडिसिन पर पूछा तो अभी इंतजार करने को कहा गया हैं।
रवींद्र, तीमारदार
हार्निया का ऑपरेशन करवाने के लिए निजी अस्पताल में चिकि त्सक ने अप्रैल में डेट दिया था। लेकिन कोरोना के मामले बढ़ने के कारण टाल दिया गया। अभी फिलहाल डॉक्टर ने दवा और परहेज की सलाह दी है।
नरेन्द्र, मरीज
रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही हो रहा ऑपरेशन
सरकारी चिकित्सालयों के चिकित्सकों की ड्यूटी जहां कोविड अस्पताल में लगने के चलते ऑपरेशन की प्रक्रिया बंद चल रही हैं। तो जनपद के सात बड़े निजी अस्पताल कोविड अस्पताल बन चुके हैं। शेष में 50 फीसदी बंद चल रहे है तो जो हैं वो मरीज की रिपोर्ट निगेटिव होने पर ऑपरेशन कर रहे हैं।
गत माह जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में हुए ऑपरेशन के आंकड़े
अप्रैल माह में 17 अप्रैल तक मेजर यानी मोतियाबिंद, आर्थोपेडिक, पथरी और हार्निया आदि के 117 ऑपरेशन हुए, जबकि, माइनर यानी दांत रोगियों के 170 ऑपरेशन किए गए। वहीं, जिला महिला अस्पताल में मात्र 16 डिलीवरी एक माह में हुई हैं।
ऑपरेशन जो हुए स्थगित
रोग सरकारी चिकित्सालय निजी चिकित्सालय
मोतियाबिंद 220 160
पथरी 50 600
हर्निया 70 350
रसौली 40 300
दांत 250 700
डिलीवरी 350 800
नोट- रोगियों की संख्या प्रतिमाह दी गई है।
कोरोना कर्फ्यू से पूर्व निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 100 से 120 ऑपरेशन किए जा रहे थे। वर्तमान में कुछ अस्पतालों के बंद होने व कोविड अस्पताल बनने के कारण शेष में करीब 10 से 12 ऑपरेशन प्रतिदिन हो रहे हैं। शेष को कुछ समय बाद आने को कहा जा रहा हैं। ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को समय-समय पर चेकअप कराने और दवाई लेने की सलाह दी जा रही हैं। फिलहाल अधिकांश निजी अस्पतालों में कोरोना के संदिग्ध मरीज होने के कारण एहतियात बरता जा रहा हैं।
डॉ. संजीव अग्रवाल, आइएमए के सचिव एवं फिजिशियन
अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में तैनात चिकित्सकों की कोविड-19 में ड्यूटी लगी हुई हैं। जिला महिला अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी की सुविधा चालू हैं। अन्य ऑपरेशन की सुविधाएं शासन से दिशा-निर्देश मिलने पर शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ