गांव चरौरा मुस्तफाबाद के बाहर सड़क किनारे खुले में रखी निर्माण सामग्री। संवाद
बुलंदशहर। प्रदूषण का स्तर लगातार बेहद खराब श्रेणी में होने के बावजूद जिला प्रशासन खुले में निर्माण सामग्री रखने वालों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। जबकि पिछले एक सप्ताह पूर्व से ग्रैप का तीसरा चरण चल रहा है। मंगलवार को नगर के स्याना बस अड्डा रोड एवं चरौरा मुस्तफाबाद गांव के पास समेत अन्य स्थानों पर सड़कों के किनारे खुले में निर्माण सामग्री रखी हुई मिली। खुले में निर्माण सामग्री रखने से ना सिर्फ धूल उड़ रही है बल्कि प्रदूषण की मात्रा को भी बढ़ावा दे रही है। मंगलवार को बुलंदशहर का 334 तो खुर्जा का 343 एक्यूआई मापा गया।
एक सप्ताह पूर्व वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंचने पर दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप का तीसरा चरण लागू कर दिया गया। इसके बावजूद कुछ विभागों द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है। समय-समय पर डीएम संबंधित विभाग पर नाराजगी जता नोटिस जारी कर रही हैं, लेकिन अभी तक सड़क के किनारे रखी निर्माण सामग्री को न तो हटवाया गया है और न ही ढकवाया जा रहा है। कुछ जगह पर सरकारी एवं निजी निर्माण कार्य चलता होने पर ठेकेदार और मजदूर खुद ही सड़क किनारे रेत, बजरी और सीमेंट जैसी सामग्री खुले में डाल रहे हैं। इससे उड़ने वाली धूल से लोग परेशान हैं।
वहींं, निर्माण सामग्री की बिक्री करने वाले भी इसे बिना ढके रख रहे हैं। इस वजह से निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव नहीं होने से हवा के साथ यह उड़ती रहती है। चौपहिया वाहनों के वहां से गुजरने पर भी इसकी धूल उड़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को बुलंदशहर का 334 तो खुर्जा का 343 एक्यूआई मापा गया।
Iसमय-समय पर टीम को भेजकर निर्माण सामग्री बेचने एवं निर्माण करने वालों को चेतावनी देने के साथ कार्रवाई की जा रही है। पर्यावरण की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। हम सभी को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने में सहयोग करना होगा। - विमल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड I
Iखुले में रखी निर्माण सामग्री की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित या तो उसे हटा लें या ढकवा कर रखने के साथ पानी का समय-समय पर छिड़काव जरूर कराएं। - अभिषेक सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्वI
गांव चरौरा मुस्तफाबाद के बाहर सड़क किनारे खुले में रखी निर्माण सामग्री। संवाद