ग्रामीण क्षेत्र में ओटीएस योजना (एकमुश्त समाधान योजना) लागू होने के बाद अफसरों को भी सतर्क किया गया है। योजना में धांधली रोकने के लिए जमा किए बिलों का रिकॉर्ड अफसरों के पास रहेगा।
सभी रिकॉर्ड सर्किल मुख्यालय में जमा होंगे। योजना खत्म होने के बाद इसका ऑडिट भी किया जाएगा। यदि ब्याज की जगह राजस्व घटा तो अफसरों पर कार्रवाई होगी।
पावर कारपोरेशन ने ट्यूबवेल उपभोक्ताओं के लिए ओटीएस योजना लागू कर दी गई है। इसके तहत ग्रामीण उपभोक्ताओं को ब्याज में 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। ओटीएस में धांधली का रिकॉर्ड काफी गंदा है।
बाबू ओटीएस योजना में ब्याज में छूट के नाम पर राजस्व ही घटा देते हैं। बड़े पैमाने पर ओटीएस में धांधली की जाती है। इसी का नतीजा है कि ओटीएस से कारपोरेशन को फायदा कम नुकसान अधिक होता है।
ओटीएस से पावर कारपोरेशन को नुकसान के कारण ही विद्युत नियामक आयोग ने इस पर रोक लगा दी थी। लेकिन ग्रामीण बकाया वसूली में कमी और फसलों की बर्बादी के कारण किसानों की आर्थिक तंगी को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में ओटीएस योजना लागू की गई।
ओटीएस में धांधली को रोकने के लिए सर्किल कार्यालय में ओटीएस के तहत जमा हुए बिलों के रिकॉर्ड दिए जाएंगे।