सदर तहसील दिवस में सोते कर्मचारी।
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अफसरों के लिए तहसील समाधान दिवस अब मस्ती कास दिन बनकर रह गया है। अफसर पुराने तहसील दिवस की 575 शिकायतों का निपटारा भी अब तक नहीं कर पाए हैं। तहसील दिवस में समस्या सुनने की बजाय अफसर आराम फरमाते रहते हैं। फरियादियों को टरकाने में तहसील सदर भी पीछे नहीं है।
सरकार की प्राथमिकता में शामिल, तहसील समाधान दिवस में आई शिकायतों को अफसर तवज्जो नहीं दे रहे हैं। मंगलवार को तहसील समाधान दिवस सदर तहसील में लगा। डीएम ने यहां कुल 56 फरियादियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। सबसे अधिक 33 शिकायत तहसील सदर में राजस्व से संबंधित प्राप्त हुई।
बांकी बिजली पुलिस, पशुपालन, कृषि, चकबंदी, पीडब्ल्यूडी, विकास प्राधिकरण आदि की इक्का-दुक्का शिकायत मिली। डीएम ने कहा शासन की मंशा छोटी से छोटी शिकायतों को समय रहते निपटाने की है, इसलिए हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। पिछले तहसील समाधान दिवस में आई 575 शिकायतों का निपटारा अभी तक नहीं हुआ है।
तहसील सदर में डीएम की अध्यक्षता वाले तहसील दिवस में कई अधिकारी और कर्मचारी लोगों की समस्या सुनने की बजाय आराम फरमाते नजर आए। कई अफसर फोन में मशगूल रहे। शिकारपुर तहसील में एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जनता दिवस में पहुंचने के बाद एडीएम ने जनता की शिकायतें जरूर सुनीं,
लेकिन क्षेत्रीय विधायक के तहसील में पहुंचने पर एडीएम उनके साथ एसडीएम आफिस में मंत्रणा करते रहे। इस दौरान एसडीएम और सीओ ने शिकायतें सुनी। कुल 127 फरियादियों ने शिकायत दर्ज कराईं।