जिला प्रदर्शनी स्थित रवींद्र नाट्यशाला में रविवार रात बॉबी बादशाह ने गायक मोहम्मद रफी की यादें ताजा कर दीं। बॉबी ने रफी के गाए हुए एक से बढ़कर एक गीत सुनाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘वदन पर सितारे लपेटे हुए...’ गीत पर लोग जमकर थिरके।
रविवार रात कोई भी अधिकारी कार्यक्रम की शुरूआत करने रवींद्र नाट्यशाला नहीं पहुंचा। इसीलिए कार्यक्रम देर से रात करीब 9 बजे शुरू हुआ। दिल्ली के सिंगर बॉबी बादशाह ने मोहम्मद रफी के गीतों पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी।
बॉबी ने ‘बड़ी दूर से आए हैं, प्यार का तोहफा लाए हैं’ गीत सुनाकर दर्शकों को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। ‘दिल का सूना साज तराना ढूंढेगा, तीर निगाहों का निशाना ढूंढेगा’ सुनाया तो दर्शकों ने खड़े होकर अभिवादन किया। ‘आज मौसम बड़ा बेईमान है...’, ‘दिलनशीं शाम को दिल मेरा हो गया...’, ‘ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती आंखें..’ जैसे गानों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके बाद दर्शकों की फरमाइश का दौर शुरू हुआ। छह से अधिक देशों में अपनी आवाज का जादू बिखेर चुके सिंगर बॉबी बादशाह ने दर्शकों की फरमाइश पर गीत सुनाए। बादशाह ने अपनी टीम विनोद चीनी, अजय गोविंद्र, अंकित श्रवण और विकास के साथ ‘वदन पर सितारे लपेटे हुए, ऐ जाने तमन्ना कहां जा रही हो’ व ‘पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना’ जैसे गीत सुनाकर समा बांध दिया।