अनाज एवं सब्जी मंडियों में किसानों को फसलों का दाम डिजिटल ट्रांजेक्शन से मिलेगा। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन कवायद में जुट गया है। बता दें कि जिले में हर रोज तीन लाख से अधिक काश्तकार मंडियों में अपनी पैदावार लेकर आते हैं। कैबिनेट सचिव ने सभी डीएम को इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
बुलंदशहर समेत जहांगीराबाद, अनूपशहर, गुलावठी, सिकंदराबाद, स्याना, डिबाई, खुर्जा, पहासू, शिकारपुर आदि क्षेत्रों में प्रमुख अनाज और सब्जी मंडियां हैं। अब तक किसानों को उपज के बदले नकद रूप में भुगतान किया जाता था। आढ़ती कमीशन की आड़ में मनमानी करते थे। मगर अब ऐसा नहीं होगा।
किसानों को दलहनी, तिलहनी, खाद्यान्न फसलों के साथ ही फलों-सब्जियों का दाम डिजिटल ट्रांजेक्शन से मिलेगा। मंडी में उपज का सौदा होते ही किसान के खाते में आढ़ती पैसा पहुंचा देंगे। डिजिटल ट्रांजेक्शन सिस्टम शुरू होने से आढ़ती टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे और किसान भी नकदी को लाने और जाने के खतरे से बच जाएंगे।
कैबिनेट सचिव ने दिया डिजिटल ट्रांजेक्शन का निर्देश
मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में यूपी के समस्त जिलाधिकारियों से कैबिनेट सचिव ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को अपनाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर एक नागरिक का आधार कार्ड होना चाहिए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर आधार बनवाए जाएंगे। सरकार की हर एक योजना से आधार को जोड़ा जाए।
डिजिटल ट्रांजेक्शन का चलन बढ़ाने के लिए मंडियों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की व्यवस्था जल्द शुरू हो जाएगी। किसानों को कृषि उपज के बदले मिलने वाला पेमेेंट नकद रुप में नहीं होगा। किसानों के खातों में कृषि उपज का दाम सीधे ट्रांसफर किया जाएगा। इस संबंध में आढ़तियों से वार्ता प्रस्तावित है। - आंजनेय कुमार सिंह डीएम