बुलंदशहर। निजी अस्पतालों के संचालकों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें प्रतिवर्ष नवीनीकरण के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। बृहस्पतिवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक ने जूम बैठक में निजी अस्पतालों के पंजीकरण पांच साल के लिए करने के निर्देश दिए।
साथ ही सरकारी चिकित्सालयों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण के लिए जिला स्तर से टेंडर छोड़े जाने के निर्देश दिए। जिले से जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार, जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अजय पटेल और खुर्जा चिकित्सालय के प्रभारी जूम मीटिंग से जुड़े रहे।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. एसके गोयल ने बताया कि काफी दिनों से नवीनीकरण का समय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। अब पांच साल के लिए नवीनीकरण एक साथ होने पर भागदौड़ से राहत मिलेगी। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. रमित कुमार ने बताया कि सरकारी चिकित्सालयों में जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण के लिए जिला स्तर पर टेंडर छोड़ा जाएगा।
इसको लेकर महानिदेशक ने निर्देश दिए है। साथ ही निजी अस्पतालों का पंजीकरण पांच साल तक के लिए संचालक करवा सकेंगे। निजी अस्पतालों में पंजीकरण, नवीनीकरण के साथ ही नियमानुसार मानकों की जांच की जाएगी। संवाद