क्षेत्र के गांव मुबारिकपुर के ग्रामीणों ने मंगलवार चुनाव के बहिष्कार की घोषणा कर दी। ग्रामीण गांव में विद्युतीकरण होने के बाद भी बिजली सप्लाई नहीं होने और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से गुस्से में हैं। उन्होंने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
करीब 1200 की आबादी वालेे गांव मुबारिकपुर में पिछले एक दशक से भी अधिक समय पहले विद्युतीकरण किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार दो वर्ष पूर्व ग्रामीणों की मांग पर विद्युत विभाग के जेई ब्रहमपाल शर्मा ने गांव में लगभग पांच दर्जन बिजली के कनेक्शन यह कहकर किए थे कि 15 दिन में ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू कर दी जाएगी।
इसके बावजूद अभी तक ग्रामीण बिजली की रोशनी का तरस रहे हैं। ग्रामीण महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश सिंह, किशन सिंह, उदयवीर सिंह आदि ने बताया कि बिजली को लेकर लोगों अधिकारियों से कई बार लिखित में शिकायत की, किंतु कोई सुनवाई नही हुई। यहां तक कि दो साल से कनेक्शन धारकों को बिना बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं।
गांव के रास्तों पर गंदगी फैली है। ग्रामीणों का अरोप है कि चुनाव के समय विकास के वादे रेवड़ी की तरह बांटते हैं। चुनाव के बाद लोग जनप्रतिनिधियों के दर्शनों को भी तरसते हैं। जब गांव का विकास ही नहीं तो किसी को वोट भी नहीं दी जाएगी।
प्रदर्शन करने वालों में सुरेंद्र कुमार राघव, किशनपाल सिंह, वीरपाल सिंह, ग्राम प्रधान विनोद कुमार, ओमप्रकाश सिंह, अमर सिंह, रनवीर सिंह, महेंद्र सिंह आदि काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।
जंक्शन पर फॉल्ट से 14 घंटे आपूर्ति ठप
बिजलीघर में फाल्ट के चलते 14 घंटे कई मोहल्लों की आपूर्ति ठप रही। इससे लोग परेशान रहे। वहीं पानी की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ा। सोमवार रात बिजलीघर पर ब्रेक डाउन हो गया। इसके कारण जंक्शन क्षेत्र की विमलानगर, शक्ति नगर, बापूनगर, कृष्णानगर, ठाकुर प्रसादी नगर आदि कॉलोनियों में आपूर्ति ठप रही।
रात भर बिना बिजली के लोग परेशान हो गए। बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के कारण परीक्षार्थी रात में अपनी पढ़ाई नहीं कर पाए। घरों में रात से लेकर सुबह तक पानी न आने से लोग परेशान हो गए। वहीं कटौती के चलते घरों में लगे इनवर्टर तक जवाब दे गए।
मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद आपूर्ति सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। जेई ने बताया कि फाल्ट के चलते समस्या हो गई थी। लेकिन 12 बजे तक खराबी को ठीक कर आपूर्ति सुचारु कर दी गई।