अब पशुओं का इलाज करने डॉक्टरों को लेकर घर पर एंबुलेंस पहुंचेगी। शासन स्तर से पशुओं के इलाज के लिए एंबुलेंस खरीदने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में जिले के सात ब्लॉकों के लिए एंबुलेंस खरीदी जाएंगी। एंबुलेंस में पशुओं के इलाज संबंधी सभी दवाएं आदि उपलब्ध होंगी।
बता दें कि पशु के बीमार होने पर उसे पशुपालक सरकारी पशु चिकित्सालय लेकर जाते हैं। अग्निकांड आदि आपदा की स्थिति में पशु अस्पताल नहीं पहुंच पाते और सही इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो जाती है। इससे पशुपालक को काफी नुकसान होता है।
ऐसी घटनाओं के मद्देनजर और पशुओं को घर पर ही इलाज देने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग ने शासन के आदेश पर नई पहल शुरू की है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो यह योजना जल्द ही शुरू हो जाएगी। एंबुलेंस मिलने के बाद ब्लॉकों का चयन किया जाएगा।
यह सुविधाएं होंगी एंबुलेंस में
एंबुलेंस में पशुओं के इलाज संबंधी सभी दवाएं उपलब्ध हाेंगी। साथ ही गलघोंटू, खुरपका, मुंहपका आदि की रोकथाम के लिए वैक्सीन भी उपलब्ध होगी। एंबुलेंस में पशु डॉक्टर, पशुधन प्रसार अधिकारी के अलावा फार्मेसिस्ट भी होगा।
टोल-फ्री नंबर भी मिलेगा
पशुपालकों को एंबुलेंस की सेवा लेने के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। यह नंबर एंबुलेंस पर लिखा होने के साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इस नंबर पर पशु बीमार होने और अग्निकांड आदि की जानकारी मिलते ही एंबुलेंस पशुपालक के घर रवाना हो जाएगी।
कोट
पशुओं को समय पर बेहतर इलाज और आपदा की स्थिति में जल्द ही डॉक्टर उपलब्ध करवाने के लिए शासन द्वारा नई पहल शुरू की जा रही है। प्रथम चरण में सात एंबुलेंस मिलेंगी। विभाग की तरफ से दस ब्लॉकों की सूची भेजी गई है। जिले को जल्द ही एंबुलेंस मिलने की संभावना है। - डॉ. केपी वार्ष्णेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी