अब गंगा किनारे बंजर भूमि को सुधारा जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर भूमि संरक्षण विभाग 84 लाख रुपये खर्च करेगा। जहां भूमि सुधार होना है, वहां साइट्स चिंहित कर ली गई हैं। गंगा किनारे सैकड़ों हेक्टेयर भूमि ऊसर और अनुपजाऊ है। इस भूमि पर पॉलेज (खरबूजा और तरबूज समेत बेल वाली फसलों) का उत्पादन किया जाता है।
अब गंगा किनारे बेकार पड़ी बंजर भूमि की लेवलिंग कराई जाएगी। लेवलिंग के बाद बंजर भूमि को रासायनिक और जैविक उपचार से खेती योग्य बनाया जाएगा। इस भूमि सुधार प्रोजेक्ट पर भूमि संरक्षण विभाग 84 लाख रुपये खर्च करेगा।
बता दें कि गंगा की धारा को निर्मल करने के लिए गंगा किनारे बसे 30 गांवों में 11,437 शौचालयों का निर्माण किया जाना है। गंगा किनारे चार हजार पौधे भी रोपे जाने हैं। जिला भूमि संरक्षण अधिकारी डा. घनश्याम वर्मा ने बताया कि गंगा किनारे बंजर भूमि की सेहत सुधारने पर 84 लाख रुपये खर्च होंगे। भूमि सुधार का काम शुरू हो गया है।