अब जनपद के प्रत्येक पालतू पशु की होगी टैगिंग
बुलंदशहर। अब जनपद के प्रत्येक पालतू पशु की टैगिंग होगी। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अब टैग लगे पालतू पशुआें का ही टीकाकरण व कृत्रिम गर्भाधान हो सकेगा। शासन के आदेश के बाद पशुपालन विभाग ने पालतू पशुओं की टैगिंग का काम शुरू करा दिया है।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सभी पालतू पशुओं, जैसे गाय, भैंस, बकरी और भेड़ आदि को टैग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। भविष्य में टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान आदि सुविधाएं केवल उन्हीं पशुओं को दी जाएंगी, जिनके कान में टैग लगा होगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त किए कर्मचारी पशुपालकों के घर जाकर पशुओं को टैग लगाएंगे और पशु स्वामी की पूर्ण जानकारी लेकर दर्ज करेंगे। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी नारायण ने बताया कि भविष्य में किसी भी योजना का लाभ केवल टैग लगे पशुओं को ही मिलेगा। उन्होंने जनपद भर के पशुपालकों से अपने पालतू पशुआें को टैग लगवाने के लिए आह्वान किया है, ताकि वह सरकारी योजनाओं से वंचित न रह सकें। उन्होंने यह भी बताया कि टैग लगाने के लिए विभाग ने प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक कर्मचारी की नियुक्ति की है। टैग लगाने की एवज में संबंधित कर्मचारी को प्रति टैग 2.50 रुपये दिए जाएंगे। अभी तक जनपद में करीब 1.50 लाख पशुओं को टैग लगाए जा चुके हैं।
टैग लगा होने पर चोरी हुए पशु को तलाशना होगा आसान
विभागीय अफसरों ने बताया कि टैग लगे पशुओं व उसके स्वामी की पूरी जानकारी विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इस कारण यदि पशु चोरी हो जाता है तो टैग से उसके मालिक का पता चल जाएगा। जिससे उसे पशु स्वामी तक पहुंचाने में मदद मिल सकेगी। पोर्टल से खरीदे गए पशुओं के इलाज और बीमारी की सभी जानकारी उपलब्ध होगी। इससे पशुओं की खरीद, बिक्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पशु की मृत्यु की दशा में टैग कर्ता को सूचना देकर स्वामी अपने नाम से पशु खारिज भी करा सकेगा।
रोगों से बचाने के लिए पशुओं को लग रहे टीके
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी नारायण ने बताया कि जनपद में पशुओं को रोगों से बचाने लिए टीके लगाए जा रहे हैं। यह टीके गलघोटू, मुंहपका और खुरपका आदि बीमारी से संबंधित हैं। टीके लगाने के लिए जनपद की 951 ग्राम पंचायतों में टीके लगाने के लिए विभागीय चिकित्सक के साथ एक सहयोगी को नियुक्त किया है। टीके लगवाने में सहयोग करने वाले को प्रति टीका तीन रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने पशुपालकों को हरहाल में सभी पशुओं को यह टीके लगवाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह टीके निशुल्क लगाए जाएंगे।