हाईटेंशन लाइन के टूटे तार की चपेट में आकर बिटिया के झुलसने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार, ऊर्जा सचिव और एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने एक माह के भीतर पूरे मामले में लापरवाही और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
नगर के डीएम रोड स्थित झुग्गी-पट्टी निवासी अख्तर की 12 वर्षीया बेटी चांदनी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गई थी। चांदनी का एक हाथ तक डॉक्टरों को काटना पड़ा था।
अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, बाल अधिकार आयोग, अल्पसंख्यक आयोग समेत कई जगह की थी। शासन के निर्देश पर जांच भी शुरू की गई थी। मामले में जिले के बिजली विभाग के मुखिया अधीक्षण अभियंता पर गाज भी गिरी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की तरफ से भी रिपोर्ट तलब की गई।
अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार, ऊर्जा सचिव संजय अग्रवाल और एसएसपी बुलंदशहर वैभव कृष्ण को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी कर एक माह के भीतर जवाब-तलब किया गया है। नोटिस जारी होने से अफसरों में खलबली मची हुई है।