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जीते तो नहीं, हार की हैट्रिक बना गए नेताजी

Sat, 11 Mar 2017 10:56 PM IST
अमर उजाला/बुलंदशहर
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जीत का जश्न - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा पहुंचने का सपना संजोए कई ऐसे नेता हैं, जिन्होंने हार की हैट्रिक लगा दी है। जिले के चार नेता ऐसे रहे, जिन्हें लगातार तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा कई और नेताओं को लगातार दूसरी बार हार का मुंह देखना पड़ा है।
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अनूपशहर विधानसभा से होशियार सिंह ने लगातार तीसरी बार शिकस्त खाई है। इससे पहले वह 2007 और 2012 का विधानसभा चुनाव बसपा के गजेन्द्र सिंह से हार चुके हैं। 2002 में वह अनूपशहर से निर्दलीय विधायक बने थे। इसके अलावा स्याना से रालोद के टिकट पर लड़े सुनील सिंह को भी तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा है।

पिछला चुनाव वह सपा के टिकट पर लड़े थे। इसके अलावा बुलंदशहर सदर सीट से सपा प्रत्याशी शुजात आलम को भी लगातार तीसरी बार हार का मुंह देखना पड़ा है। डिबाई से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े देवेंद्र भारद्वाज ने तीसरी बार शिकस्त का सामना किया है। देवेंद्र भारद्वाज 2007 का चुनाव स्याना से लड़े और कांग्रेस के दिलनवाज से मामूली अंतर से हारे।
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इससे पहले वह 2003 का लोकसभा चुनाव कल्याण सिंह के सामने लड़े और तीसरे नंबर पर रहे। इसके अलावा शिकारपुर से बसपा के टिकट पर लड़े मुकुल उपाध्याय तीसरी बार चुनाव हारे हैं।

इससे पहले वह डिबाई विधानसभा पर गुड्डू पंडित और गाजियाबाद में एमपी का चुनाव जनरल वीके सिंह से हार चुके हैं। वहीं अनूपशहर विधानसभा से सपा प्रत्याशी हिमायत अली को भी दूसरी बार हार का मुंह देखना पड़ा है।

जीत हैट्रिक लगाने से चूके तीन महारथी
चुनाव के दंगल में हैट्रिक लगाने के लिए उतरे तीनों योद्धाओं को हार का मुंह देखना पड़ा। शिकारपुर से जीते विधायक अनिल शर्मा तीसरी बार विधानसभा पहुंचेंगे, लेकिन वह पिछला चुनाव हार गए थे।

बुलंदशहर विधानसभा से बसपा के टिकट पर लड़े हाजी अलीम, रालोद के टिकट पर लड़े श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और अनूपशहर से बसपा के टिकट पर लड़े गजेंद्र सिंह जीत की हैट्रिक लगाने का सपना संजोये थे। चुनावी समर में तीनों की स्थिति मजबूत भी मानी जा रही थी।

परिणाम आने से पहले तीनों अपनी-अपनी जीत के प्रति उम्मीद लगाए थे, लेकिन परिणाम आते ही तीनों के सपने भाजपा की लहर में उड़ गए। तीनों योद्धाओं को भाजपा के प्रत्याशियों से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। गुड्डू पंडित जहां चोला बदलकर चुनाव लड़ रहे थे तो हाजी अलीम और गजेंद्र सिंह लगातार तीसरी बार बसपा के टिकट पर दावा ठोक रहे थे।

शिकारपुर से भाजपा के टिकट पर जीते अनिल शर्मा तीसरी बार विधानसभा पहुंचेंगे। हालांकि यह उनकी हैट्रिक नहीं होगी। 2012 का विधानसभा चुनाव वह बसपा के टिकट पर लड़कर सपा के मुकेश पंडित से हार गए थे। 2002 और 2007 में वह लगातार दो बार खुर्जा सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
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