शासन के आदेश को दरकिनार कर क्रय केंद्र संचालक किसानों को 24 घंटे में गेहूं का भुगतान नही कर रहे हैं। पहले घटतौली, बारदाने की कमी और अब भुगतान में देरी से किसानों परेशान हैं।
किसानों की शिकायत पर निरीक्षण करने पहुंचे जिला विपणन अधिकारी ने भी पाया कि नेफेड के क्रय केंद्रों पर किसानों को समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। जिला विपणन अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजने की बात कही है।
जिले में 103 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जा रही है। शासन ने 1.4 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए अफसर मुस्तैद दिख रहे हैं। बावजूद इन क्रय केंद्रों पर शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है।
जिला विपणन अधिकारी अवनीश चंद ने बताया कि इसकी रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी। जिला विपणन अधिकारी अवनीश चंद ने बताया कि शुक्रवार शाम मेरठ में हुई बैठक में रुपये की कमी और बारदाने की कमी का मुदद उठाया गया। साथ ही एफसीआई से मिलने वाले बिलों को भी मिलाने के लिए अफसरों ने निर्देश दिए हैं।
शिकारपुर का क्रय केंद्र औरंगाबाद में शिफ्ट ः जिला विपणन अधिकारी अवनीश चंद ने बताया कि शिकारपुर स्थित नैफेड के क्रय केंद्र पर गेहूं की प्रतिदिन कम खरीद हो रही थी। जबकि औरंगाबाद की उपमंडी में किसानों ने क्रय केंद्र बढ़ाए जाने की मांग की थी। किसानों की समस्या को देखते हुए क्रय केंद्र को औरंगाबाद शिफ्ट कर दिया है।