जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का मामला अभी चल ही रहा है कि बीडीसी सदस्यों ने जहांगीराबाद के ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का पत्र डीएम को सौंप दिया है।
शुक्रवार को जहांगीराबाद ब्लॉक की सदस्या पिंकी देवी ने 66 सदस्यों के समर्थन का दावा करते हुए ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र डीएम को सौंप दिया। बीडीसी सदस्य पिंकी देवी ने अविश्वास प्रस्ताव के पत्र के साथ 81 में से 66 सदस्यों के समर्थन होने का दावा किया।
भाजपा नेता प्रधान सुभाष राधव, प्रवीण कौशिक, संजय बिसारिया ने भी जिलाधिकारी से पिंकी के समर्थन में जहांगीराबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की है। बीडीसी सदस्य के ज्ञापन पर डीएम ने एडीएम को जांच कर अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जहांगीराबाद ब्लॉक प्रमुख माया देवी सपा से जुड़ी हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान तत्कालीन सपा विधायक गुड्डू पंडित ने उन्हें चुनाव लड़ाया था। गुड्डू पंडित पर 2009 में जहांगीराबाद ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बीडीसी सदस्यों के अपहरण का आरोप भी लगा था। उस मामले में गुड्डू पंडित को जेल भी जाना पड़ा था।
ब्लॉक प्रमुखों पर छाया अविश्वास का ‘संकट’
जिला पंचायत अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय से पहले ही जहांगीराबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र डीएम को सौंप दिया गया। इस दौरान बीडीसी सदस्यों के साथ भाजपा नेताओं की मौजूदगी दर्शा रही है कि अब ब्लॉक प्रमुख पदों पर भी पार्टी की नजर है।
23 मई को यदि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर हरेन्द्र यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया तो तय माना जा रहा है कि जिलेभर के सभी 16 ब्लॉक प्रमुखों की कुर्सी खतरे में है। भाजपा सभी ब्लॉक प्रमुखों को पदों से हटाकर अपने कार्यकर्ताओं को काबिज करने में जुटी हुई है। भाजपा की यह रणनीति 23 मई के बाद तेज हो जाएगी।