होली मनाकर घर से लौट रहे यात्रियों को इन दिनों काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। होली पर चलीं अतिरिक्त बसें और स्पेशल ट्रेनें भी उन्हें राहत नहीं दे सकीं। भीड़ के चलते लोगों को बसों की छत और ट्रेनों के गेट पर लटककर यात्रा करनी पड़ी।
यहां तक कि कोच में मारामारी के चलते एक सीट पर पांच-पांच लोग बैठें और बाथरूम में सफर करनी पड़ी। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। होली की छुट्टियां समाप्त होने पर त्यौहार मनाने अपने-अपने घरों को गए लोगों का लौटना शुरू हो गया है। इसके चलते सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल है, वहीं वेटिंग टिकटों की भारी लिस्ट है।
भारी भीड़ के चलते ट्रेनों में यात्रियों का बुरा हाल है। आरक्षित डिब्बे जहां खचाखच भरे आ रहे हैं, वहीं जनरल बोगियों का हाल तो और भी बुरा है। आलम यह है कि जगह न मिलने पर यात्री ट्रेन की छतों पर तथा पायदान पर बैठकर सफर करने को मजबूर हैं।
स्टेशन पर जो भी ट्रेन आती है उस पर बैठने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। भीड़ के कारण गई यात्री ट्रेन भी नहीं पकड़ पाए और छूट गए। यहीं हाल बसों का दिखाई दे रहा है। बसों में भी भीड़ होने के कारण यात्री खड़े होकर सफर कर रहे हैं।
होली पर परिवहन निगम ने 40 अतिरिक्त बसें चलाईं थीं, लेकिन ये बसें भी यात्रियों को राहत नहीं दे पायीं। ये बसें खासकर दिल्ली और दादरी के लिए चलाई गईं थी, लेकिन वापसी में भीड़ बढ़ने के कारण ये बसें भी कम पड़ गईं। ऐसे लोग बसों की छत पर चढ़कर अपने गंतव्य तक पहुंचे।
डग्गामारों की चली मनमानी ज्यादा किराया लिया
बसों और ट्रेनों में जगह न मिलने पर लोगों को मजबूरी में डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा। ऐसे में डग्गामार वाहन संचालकों की खूब मनमानी चली। उन्होंने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। इसके बाद लोगों को डग्गामार वाहनों के पीछे लटककर यात्रा करनी पड़ी।