क्षेत्र के गांव समकोला के युवाओं से कोई अपनी लड़की की शादी नहीं करना चाहता। गांव का संपर्क मार्ग 15 साल से जर्जर है। इससे होकर दो-पहिया और चौ-पहिया आसानी से नहीं निकलता है। बरसात में तो यहां पैदल निकलना भी आसान नहीं है ग्रामीण बीमारों को चारपाई पर लिटाकर कंधों पर उठाकर ही अस्पताल तक ले जाते हैं।
प्रत्येक चुनाव में 70 फीसदी मतदान करने के बावजूद जनप्रतिनिधि संपर्क मार्ग नहीं बनवा रहे हैं। इससे परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को पंचायत कर चुनाव बहिष्कार का एलान कर दिया। समकोला गांव में कहावत है कि बेटे की शादी करानी है तो गुलावठी में कमरा लेकर रहना होगा। दरअसल गुलावठी से बागवाला की ओर जाने वाले समकोला के संपर्क मार्ग की हालत 15 साल से बेहद जर्जर है।
बरसात होने पर यह रास्ता सभी वाहनों के लिए बंद हो जाता है। लोगों को कीचड़ से होकर पैदल निकलना पड़ता है। 18 सौ मतदाताओं वाले इस गांव के लोगों को लगातार गुहार लगाने के बावजूद संपर्क मार्ग नहीं मिला है। वोट लेने के बाद कोई यहां आकर नहीं देखता। जर्जर मार्ग के चलते आवागमन का संसाधन न होने से कोई इस गांव में अपनी बेटी की शादी करना नहीं चाहता।
यही कारण है कि गांव में सौ से ज्यादा युवा अविवाहित है। इससे परेशान लोगों ने चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। ग्रामीणों ने सोमवार को पंचायत आयोजित की। इसमें चुनाव बहिष्कार का बैनर भी लगाया। पंचायत के दौरान वक्ताओं ने कहा कि मतदान का बहिष्कार कर अपनी नाराजगी का इजहार करें।
किसी से डरें नहीं, किसी के बहकावे में न आए तथा एकजुट रहे। ग्रामीणों ने विरोध में झंडे लगाने का एलान किया। पंचायत में नारा लगाया गया कि जो न माने झंडे से, वो मानेगा डंडे से। पंचायत को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के नेता राकेश चावड़ा ने कहा कि समकोला सहित क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण गत करीब 15 वर्षों से सड़क निर्माण न होने से परेशान हैं।
अब ग्रामीण किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। पुलिस व प्रशासन के दबाव से भी नहीं झुकेंगे। पंचायत में भंवर सिंह, नरेश चपड़गढ़, रोहित, रेवती शर्मा आदि ने भी संबोधित किया। शुभराती, राजेंद्र सिंह, खेमचंद, गंगाराम, तारापाल, हनीफ खां, निखिल बिधूड़ी, कपिल बिधूड़ी सहित करीब 200 लोग मौजूद रहे।
जिनमें ग्राम बरमदपुर, समकोला, खंडवाडहर, गढ़ी, अजीतपुर व बागवाला के लोग शामिल थे। अध्यक्षता रेवती शर्मा ने की तथा संचालन धर्म सिंह एवं राकेश चावड़ा ने किया।