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Bulandshahar News: नेट का नहीं कनेक्शन, आभा आईडी का अटका रजिस्ट्रेशन

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बुलंदशहर। जिला चिकित्सालय में पेपरलेस करने के लिए जून 2023 में ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई। ऑनलाइन पंजीकरण को आभा आईडी (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) से जोड़ा गया। लेकिन पिछले दो माह पूर्व से चिकित्सालय का बीएसएनएल का कनेक्शन बकाया जमा न करने पर काट दिया गया। इसके बाद से अन्य नेटवर्क की सुविधा न मिलने पर आभा आईडी के लिए पंजीकरण भी बंद हो गए। अस्पताल प्रशासन जल्द नेटवर्क का कनेक्शन लगवाने की बात कह रहा है।
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जिला चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन विभिन्न बीमारियों के 1500 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। मरीजों को जून 2023 से पूर्व लाइन में लगकर सामान्य पंजीकरण कराना पड़ता। जून 2023 में ऑनलाइन काउंटर खोल मरीजों के पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी गई। ऑनलाइन पंजीकरण होने से मरीजों को पर्चा खोने पर उपचार मिलने की सुविधा का दावा किया गया।
साथ ही ऑनलाइन पंजीकरण करा रहे मरीजों का डाटा आभा पोर्टल पर अपलोड किया गया, लेकिन समय-समय पर नेटवर्क की समस्या होती रही। इससे अक्सर ऑनलाइन पंजीकरण काउंटर बंद रहता। इस वर्ष भी ऑनलाइन पंजीकरण काउंटर जनवरी-फरवरी माह में बंद रहा। मार्च माह में पांच-छह दिन पंजीकरण किए गए। इसके बाद अप्रैल-मई को फिर समस्या हो जाने पर ऑनलाइन पंजीकरण काउंटर बंद कर दिया गया। इसके बाद जुलाई माह में सुविधा शुरू हुई, लेकिन पांच अगस्त को बकाया बिल जमा न होने पर बीएसएनएल का कनेक्शन काट दिया गया।
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आभा आईडी (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) की संख्या बढ़ाने पर जोर



जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम लगातार आभा आईडी की संख्या बढ़ाने को लेकर निर्देश दे रही है। लेकिन जिला चिकित्सालय प्रशासन पर इसका असर नहीं पड़ रहा। दो माह पूर्व भी आभा कार्ड बनाने में जिला पिछड़ने पर डीएम ने नाराजगी जता लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद छह अगस्त से जिला चिकित्सालय में आभा कार्ड को लेकर अभी तक पंजीकरण की सुविधा शुरू नहीं हो सकी।

आभा कार्ड बनने पर मरीज को नहीं पड़ेगी रिपोर्ट ले जाने की जरूरत

आभा कार्ड बनने पर मरीज को रिपोर्ट ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही मरीज को पूर्व में क्या बीमारी थी और क्या रिपोर्ट आई। वहीं, चिकित्सक ने जो परामर्श दिया वह सभी रिकॉर्ड मरीज के आभा कार्ड में दर्ज हो जाते। यह मरीजों के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और भारत में कहीं भी इलाज के लिए सुविधा जनक बनाने के लिए बनाई गई है। लेकिन इसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा।





Iपूर्व में प्रिंटर खराब हो गया था। अब बिल जमा न करने पर बीएसएनएल ने कनेक्शन काट दिया। इसकी वजह से ऑनलाइन पंजीकरण काउंटर बंद चल रहा है। जल्द ही नेटवर्क की सुविधा लगवाने के प्रयास किए जा रहे है। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालयI
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