फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bulandshahar News: निजी अस्पताल में नौ वर्षीय बच्चे की मौत, परिजनों का हंगामा, अस्पताल सील

विज्ञापन
अनूपशहर में एक बच्चे की मौत के बाद अस्पताल में हंगामे के दौरान मौजूद पुलिस और अन्य। संवाद
विज्ञापन
अनूपशहर। बुलंदशहर मार्ग स्थित आशा अस्पताल में बुखार से पीड़ित नौ वर्ष के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शनिवार रात अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहां अस्पताल में स्टाफ नहीं मिला। जांच के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है।
विज्ञापन


थाना क्षेत्र के गांव दुगरऊ निवासी जागेश ने तहरीर दी। बताया कि उनके नौ वर्षीय बेटे यश को बुखार था। हालत बिगड़ने पर शुक्रवार दोपहर उसे बुलंदशहर रोड स्थित आशा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह अचानक यश की तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि बच्चे की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही हैं और उसे तुरंत प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत है।
परिजनों ने बताया कि प्लाज्मा चढ़ाए जाने के कुछ देर बाद ही यश की हालत और अधिक बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे बुलंदशहर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के दौरान ही यश की मौत हो चुकी थी। बेटे की मौत से दुखी माता-पिता उसे लेकर बीच रास्ते से अस्पताल लौट आए और वहां परिजन व ग्रामीण इकट्ठा होकर हंगामा करने लगे।
विज्ञापन

भीड़ ने अस्पताल प्रशासन पर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही सीएचसी प्रभारी डाॅ. पीके मिश्रा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

- टीम को मौके पर भेजकर अस्पताल को सील करवा दिया गया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
- तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सीएमएस द्वारा अस्पताल को सील किया गया है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - रामकरन सिंह, सीओ अनूपशहर
बच्चे को जब अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब वह डेंगू व मलेरिया पॉजिटीव था। हालत बिगड़ने पर परिजनों को हायर सेंटर ले जाने के लिए कहा गया लेकिन वह पैसों का इंतजाम करने की बात कहते रहे। जिसके बाद बच्चे को अस्पताल प्रशासन ने अपनी ओर से एंबुलेंस कर बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उसे हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया था। रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई। अस्पताल पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। - डाॅ. विनोद, अस्पताल संचालक, आशा हॉस्पिटल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें