संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। प्रतिबंध के बावजूद भी गन्ने की पत्ती जलाने वाले नौ किसानों ने गन्ना सट्टा रद्द होने के बाद अब फसल अवशेष न जलाने की शपथ ली है। गन्ने की पत्ती जलाने वाले सभी किसानों ने डीएम से माफी मांगी है। माफी मांगने के बाद डीएम ने उनका बंद किया गया गन्ना सट्टा जारी करने के निर्देश दिए हैं। इन सभी किसानों से 21,500 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है।
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, ताकि वायु प्रदूषण न हो। ऐसा करने पर किसान पर जुर्माना भी लगाया जाता है। साथ ही अन्य कार्रवाई की जाती है। विभाग की ओर से किसानों से गन्ने की पत्ती न जलाने का आह्वान किया गया था। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई किसान ऐसा करता है तो उसकी गन्ना समिति से सदस्यता रद्द कर दी जाएगी। साथ ही उसका गन्ना सट्टा बंद कर चीनी मिल से गन्ना भुगतान को भी रोक दिया जाएगा। बावजूद इसके नौ किसानों ने गन्ने की पत्ती जला दी। जब इन किसानों को विभाग की ओर से कार्रवाई की गई तो उन्होंने अब माफी मांगते हुए आगे भविष्य में कभी भी फसल अवशेष न जलाने की बात कही है। इस पर डीएम सीपी सिंह ने अब इन किसानों के सट्टा जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों से गन्ने की पत्ती न जलाने का आह्वान किया है।