संवाद न्यूज एजेंसी
डिबाई। नगर के एक निजी अस्पताल संचालक पर परिजनों ने नवजात के इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि एक सप्ताह तक नवजात को भर्ती कर गलत उपचार करने से उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर सीएचसी अधीक्षक ने अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही अस्पताल में भर्ती अन्य नवजात को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया।
क्षेत्र के गांव बरैना निवासी सोमदत्त शर्मा की पत्नी के प्रसव पीड़ा होने पर 30 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नवजात शिशु को जन्म दिया। नवजात की हालत गंभीर बता उसे रेफर कर दिया। परिजन बुलंदशहर की जगह भीमपुर दौराहा स्थित एक चाइल्ड हॉस्पिटल में ले आए। नवजात के पिता सोमदत्त शर्मा का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने इलाज सही देने की बात कहकर भर्ती कर लिया और दो मार्च तक नवजात को सही बताया। आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उपचार में लापरवाही बरती और पांच मार्च को नवजात की हालत गंभीर बता समय से रेफर नहीं किया। अलीगढ़ के एक अस्पताल में पहुंचने के बाद उसने दम तोड़ दिया। नवजात की मौत होने के बाद परिजन शव को लेकर अस्पताल ले आए और हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों के हंगामा किए जाने पर अस्पताल संचालक और स्टाफ मौके से भाग गया। वहीं, पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। नवजात के पिता ने अस्पताल संचालक व स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की हैं। वहीं, परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. हेमंत गिरि ने अस्पताल को सील कर दिया।
अस्पताल में भर्ती मिले छह नवजात, परिजन ले गए अपने साथ
भीमपुर दौराहा स्थित चाइल्ड हॉस्पिटल में शुक्रवार रात छह नवजात भर्ती मिले। जिन्हें हंगामा होने पर परिजन अपने साथ ले गए। वहीं, भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी वर्मा ने एसएसपी व सीएमओ से क्षेत्र में अपंजीकृत अस्पताल एवं क्लीनिक पर कार्रवाई करने की मांग की। उधर, संबंधित अस्पताल पर समय-समय पर नवजात की मौत के मामले सामने आते रहते हैं। पिछले वर्ष तीन माह के नवजात की मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल में अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उपचार करने का आरोप लगाया था।
सीएमओ डॉ.विनय कुमार सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में हैं। शिकायत मिलने पर सीएचसी अधीक्षक को भेज अस्पताल को सील करवा दिया हैं। जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।