हापुड़ क्षेत्र के गांव कुराना निवासी फहीमुद्दीन और उनकी पत्नी शमीना बुधवार को किसी काम से बाइक पर सवार होकर औरंगाबाद गए थे। जहां से देर रात करीब 11 बजे वह वापस अपने गांव लौट रहे थे। जब वह गांव असावर-ऐंचाना मार्ग पर पहुंचे तो रास्ते में उन्होंने देखा कि कुछ कुत्ते एक पॉलिथीन को नोच रहे हैं। संदेह के चलते जब वे पास गए तो उन्होंने देखा कि पॉलिथीन के अंदर एक नवजात बच्चा सांस ले रहा था।
बच्चे की हालत नाजुक थी। दंपती ने इंसानियत का परिचय देते हुए तुरंत बच्चे को उठाया और रात में उसका उपचार कराए जाने के बाद अपने घर ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पॉलिथीन और आसपास की स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और बच्चे को चाइल्ड हेल्प लाइन को सौंप दिया गया है। पुलिस नवजात को फेंकने वाले आरोपी की तलाश में जुट गई है। वहीं, स्थानीय लोग व पुलिस प्रशासन ने दंपती के इस मानवीय कार्य की सराहना की है।
यह घटना न सिर्फ समाज को झकझोरती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि इंसानियत अब भी जिंदा है। थाना प्रभारी सुनीता मलिक ने बताया कि दंपती ने बच्चे का उपचार कराने व नहला कर सूचना दी थी। फिलहाल बच्चे को चाइल्ड हेल्प लाइन टीम को सौंप दिया गया है। जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।