बुलंदशहर। जनपद के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से नए कलेक्ट्रेट भवन की कवायद के बीच अब कृषि विद्यालय की भूमि पर आधुनिक कलक्ट्रेट परिसर बनाने के लिए ट्रांसफर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। साथ ही अब भवन निर्माण के लिए शासन की स्वीकृति का इंतजार है।
नगर क्षेत्र स्थित कलक्ट्रेट का भवन अंग्रेजी हुकूमत के समय का है। ऐसे में बिल्डिंग पुरानी होने के साथ ही नए सिरे से मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया जाना था। इसके लिए शासन ने भी निर्देश दिए थे कि सभी विभागों के कार्यालय एक ही स्थान पर बनाए जाएं ताकि लोगों को भटकना न पड़े।
पहले जिला प्रशासन ने मौजूदा कलक्ट्रेट परिसर में ही मल्टी स्टोरी भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। लेकिन शासन स्तर पर निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण यह प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया।
इसके बाद प्रशासन ने वैकल्पिक स्थानों का परीक्षण किया और मेडिकल काॅलेज के पास स्थित कृषि विद्यालय की भूमि को सबसे उपयुक्त मानते हुए नया प्रस्ताव तैयार किया।
इंटीग्रेटेड कॉम्प्लैक्स बनाने के लिए स्वीकृति का इंतजार
कलक्ट्रेट भवन कृषि विभाग की भूमि पर बनाया जाएगा। इस परिसर में कलक्ट्रेट के सभी प्रमुख कार्यालयों के साथ विभिन्न प्रशासनिक विभागों को एक ही स्थान पर संचालित करने की योजना है। आधुनिक भवन में डिजिटल कार्यालय, रिकॉर्ड प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था, पर्याप्त पार्किंग, जनसुनवाई कक्ष, बैठक हॉल और नागरिक सुविधाओं का भी प्रावधान किया जाएगा।
करीब दो दशक पुरानी है नए कलक्ट्रेट की मांग
जनपद में नया कलक्ट्रेट भवन बनाने की मांग करीब दो दशक से उठती रही है। मौजूदा कलक्ट्रेट भवन में जगह की कमी के कारण कई विभाग अलग-अलग भवनों में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण आए दिन लोगों को भी जाम से जूझना पड़ता है।
मंजूरी के बाद शुरू होगी निर्माण प्रक्रिया
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद सबसे पहले भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके बाद भवन का विस्तृत नक्शा तैयार कराया गया लेकिन उसे शासन से अभी तक स्वीकृत नहीं किया गया है। बजट आवंटन और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
जनता को मिलेगा बड़ा लाभ
नया कलक्ट्रेट बनने से सभी प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय एक ही परिसर में आ जाएंगे। इससे आम नागरिकों को राजस्व, विकास, समाज कल्याण, आपदा प्रबंधन, निर्वाचन, अभिलेख, जिला पूर्ति अधिकारी, बाट माप समेत अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा।
साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
कोट -
नए कलक्ट्रेट भवन के निर्माण के लिए कृषि विद्यालय की भूमि का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार आगे की सभी औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। अभिषेक कुमार सिंह, एडीएम वित्त