अनूपशहर में कथा के दौरान कथा व्यास का स्वागत करते श्रद्धालु। संवाद
अनूपशहर। भृगुक्षेत्र आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आचार्य शिवदत्त महाराज ने कहा कि संसार में गरीबों की अक्सर अवहेलना होती है। भगवान दयालु हैं जो गरीबों को सच्चा प्रेम देकर अपने गले से लगाते हैं। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान आचार्य ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि अत्यधिक गरीबी से परेशान होकर पत्नी के कहने पर सुदामा अपने बाल-सखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। द्वारपालों से जब श्रीकृष्ण को सुदामा के आने की खबर मिली, तो वे अपना राज-सिंहासन छोड़कर नंगे पैर दौड़े चले आए और
सुदामा को गले लगा लिया। यह प्रसंग सुनकर पांडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद व्यास पीठ से शुकदेव पूजन और राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाई गई। बताया कि कथा के समापन पर बुधवार को हवन-यज्ञ व भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन में शिवानंद महाराज, ब्रजानंद महाराज, आश्रम प्रबंधक डीके शर्मा, गौहर सिंह आचार्य विनीत अवस्थी और आचार्य संजीव शर्मा सहित कई गणमान्य लोग व श्रद्धालु मौजूद रहे।