शहर को होर्डिंग्स से पाटने वाले प्रत्याशी और नेताओं को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। आचार संहिता लागू होने के बाद पालिका-प्रशासन द्वारा उतरवाए जा रहे होर्डिंग्स और वॉलपेंटिंग मिटाने का खर्च पार्टी जिलाध्यक्ष और नेताओं से वसूला जाएगा। मूल्यांकन के लिए वीडियोग्राफी कराई गई है। इसके बाद इन्हें नगर पालिका की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे।
आचार संहिता लागू होने के बाद पिछले दो दिन में करीब 4500 से ज्यादा होर्डिंग्स, बैनर आदि को हटवाया गया है। इसके अलावा सैकड़ों की संख्या में दीवारों पर हो रही पेंटिंग को मिटाया गया। नगर पालिका इन सब पर हुए खर्च को राजनीतिक पार्टियों के जिलाध्यक्षों और नेताओं से वसूलेगी।
पालिका द्वारा इसके मूल्यांकन के लिए पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई है। ईओ एके सिंह ने बताया कि कार्रवाई पर हुए खर्च का मूल्यांकन कर नोटिस जारी किए जाएंगे।
ईओ एके सिंह ने बताया कि नामांकन के बाद प्रत्याशी कितना भी चुनाव प्रचार कर सकेंगे। प्रत्याशियों को शुल्क अदा कर होर्डिंग्स लगवाने की अनुमति दी जाएगी।
बिना अनुमति के होर्डिंग्स नहीं लगाए जाएंगे। यदि कोई भी राजनीतिक दल या कोई नेता बिना अनुमति के होर्डिंग्स, बैनर लगवाएगा तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।
पार्टी दफ्तरों पर लगे होर्डिंग्स पर नहीं हुई कार्रवाई
पालिका प्रशासन ने बेशक शहरभर में होर्डिंग्स, बैनर उतरवा दिए हों लेकिन राजनीतिक पार्टी के दफ्तरों के बाहर लगे होर्डिंग्स पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। राजनीतिक पार्टी दफ्तर परिसर के अंदर तो होर्डिंग्स लग सकता है, लेकिन परिसर के बाहर होर्डिंग्स नहीं लगाया जा सकता है।
नगर पालिका की ओर से करीब 4500 से ज्यादा होर्डिंग्स, बैनर उतरवाए गए हैं। इसके अलावा सैकड़ों दीवारों पर हो रही पेंटिंग मिटाई गई हैं। इस पर हुए खर्च को पार्टी जिलाध्यक्ष और नेताओं से वसूला जाएगा। वीडियोग्राफी से मूल्यांकन के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे। बिना अनुमति होर्डिंग्स, बैनर लगवाए गए तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- एके सिंह, ईओ, नगर पालिका