बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी गो-संरक्षण योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन फेल नजर आ रहा है। रविवार को गांव कुराला स्थित गोशाला के निरीक्षण में पशुपालन स्थाई समिति के सदस्य व सदर विधायक प्रदीप चौधरी को कई गंभीर खामियां मिलीं। इसके बाद व्यवस्थापकों पर तत्काल कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
सदर विधायक ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गौशाला में हरे चारे की व्यवस्था नहीं थी। गाेवंशों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी पेट के कीड़ों की गोली भी उपलब्ध नहीं मिली।
बताया कि गोशाला में ठंड से बचाव के लिए कंबल या अलाव के इंतजाम भी नहीं मिले। इसके अलावा मौके पर पशु चिकित्सक अनुपस्थित थे और गोवंश के स्वास्थ्य व खुराक का मेंटेनेंस रजिस्टर भी नहीं मिला। समिति सदस्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार की ओर से हर माह प्रति गोवंश 1500 की धनराशि मिल रही है फिर इतनी लापरवाही क्यों हो रही है। उन्होंने डीएम से लापरवाह कर्मचारियों व पशु चिकित्सा अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की।