अब छात्रों को प्राइवेट पब्लिशर्स की किताब पढ़ने की पाबंदी नहीं होगी। जिन छात्रों ने प्राइवेट पब्लिशर्स की किताब खरीद भी ली हैं, वह उन्हें वापस कर एनसीईआरटी की किताब ले सकते हैं। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने सभी स्कूल प्रबंधकों को इस बाबत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
वहीं वाणिज्य कर विभाग के अफसरों ने भी अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। स्कूल प्रबंधकों और प्राइवेट पब्लिशर्स के बीच दबे अभिभावकों को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम सदर रितु पूनिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए कि नौवीं से लेकर 12वीं तक की कक्षाओं के छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाया जाए।
इन कक्षाओं के छात्रों को प्राइवेट पब्लिशर्स की पुस्तकों से पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। एसडीएम सदर रितु पूनिया ने बताया कि सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कक्षा नौ से कक्षा 12 तक के छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई कराएं। वहीं वाणिज्य कर अफसरों ने भी अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
वाणिज्य कर के ज्वाइंट कमिश्नर वीपी कटियार ने बताया कि रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। डीएम के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।