विधि-विधान से हुई मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
बुलंदशहर। नवरात्र के दूसरे दिन ज्ञान, वैराग्य, ध्यान की अधिष्ठात्री मां ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। नगर समेत जिलेभर के देवी मंदिरों में भक्तों के जयकारे गूंजते रहे। भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी, फल, धूप, दीप अर्पित कर मत्था टेका। मंदिरों में पूजा-अर्चना सुबह चार बजे से शुरू होने के बाद देर शाम तक चलता रहा।
शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन पूजन को लेकर भक्तों में भारी उत्साह रहा। नगर के देवी मंदिर, राज राजेश्वर मंदिर, श्री महाकाली मंदिर, हनुमान मंदिर, टीचर्स कॉलोनी स्थित शिव शक्ति मंदिर और देवीपुरा स्थित भवन मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की। पंडित राज शर्मा ने बताया कि ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार ओर संयम की वृद्धि होती है। देवी की कृपा से मलिनता दूर होती है और सर्वत्र सिद्धि और विजय मिलती है। उधर, अहार स्थित मां अवंतिका देवी मंदिर पर भी भक्तों ने पूजा अर्चना कर परिवार की खुशहाली के लिए मनोकामनाएं मांगी।
नवरात्र महोत्सव में हुआ डांडिया नृत्य
बुलंदशहर। शारदीय नवरात्र पर भारत विकास परिषद सेवार्थ शाखा द्वारा नवरात्र महोत्सव का कार्यक्रम आयोजित हुआ। शाखा के अध्यक्ष चंद्रभूषण मित्तल ने बताया कि शारदीय नवरात्र का आगमन होते ही डांडिया नृत्य का आयोजन किया गया। महोत्सव में राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी भी निकाली गई। इस दौरान राधा-कृष्ण का नृत्य, कान्हा पर फूलों की वर्षा, डांडिया नृत्य आदि में मातृशक्ति और बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। इस दौरान परिषद के जिलाध्यक्ष दीपू गर्ग, मोहित गर्ग, कमल किशोर गोयल, गौरव गुप्ता, विकास ग्रोवर, नमन गर्ग और कामना मित्तल आदि मौजूद रहे।