गुलावठी में कथा सुनाते कथा वाचक। संवाद
गुलावठी। नगर के मोहल्ला करनपुरी में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथावाचक अजय कृष्ण वशिष्ठ ने श्रद्धालुओं को समुद्र मंथन, भगवान वामन के अवतार, भक्त प्रह्लाद और विदुर चरित्र का प्रसंग सुनाया। कथा के प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कथावाचक ने समुद्र मंथन प्रसंग का वर्णन करते हुए भगवान की लीलाओं और देवताओं की भक्ति का महत्व बताया। इसके बाद भगवान वामन के अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान अपने भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए समय-समय पर विभिन्न रूपों में अवतार लेते हैं। भक्त प्रह्लाद के चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति के सामने बड़ी-से-बड़ी बाधा भी टिक नहीं सकती।
प्रह्लाद ने विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति अपनी आस्था नहीं छोड़ी। विदुर प्रसंग सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि मनुष्य की महानता उसके धन या पद से नहीं, बल्कि उसके विचारों और कर्मों से होती है। कथा के दौरान भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और भक्तिमय वातावरण में भगवान का स्मरण किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस मौके पर भरत शर्मा, मीना, सुनीता, मधु, अनिता, मुकेश कुमार शर्मा, सुदीप और रिंकू सहित अन्य श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। संवाद