बुगरासी। खाद्य तेलों के बाजार में लगातार तेजी का दौर जारी है। सरसों के भाव में बीते तीन सप्ताह में करीब 800 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर सरसों तेल की कीमतों पर भी पड़ रहा है। तेल के बढ़ते दामों ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और खाद्य कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
लगभग 6400 रुपए प्रति क्विंटल से सरसों के रेट वर्तमान में 7200 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। इससे सरसों तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। इससे घर का बजट हिल गया है।पवन कुमार, अभिषेक कुमार आदि व्यापारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में मजबूती, पाम ऑयल की सीमित उपलब्धता और मांग बढ़ने के कारण सरसों के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। मंडियों में सरसों की आवक पहले की तुलना में कम होने से भी कीमतों को समर्थन मिल रहा है।
पिछले कुछ सप्ताह में सरसों के दामों में लगभग 800 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आ चुकी है। सरसों के बढ़े हुए भाव का असर तेल मिलों पर भी दिखाई दे रहा है। कच्चे माल की लागत बढ़ने से सरसों तेल के दामों में लगातार वृद्धि हो रही है। खुदरा बाजार में भी तेल महंगा बिक रहा है। रिटेल में 165 रुपये लीटर बिकने वाला सरसों का तेल अब 180 से 185 रुपये लीटर तक पहुंच गया है।
शोभा रानी, नीतू गिरि, पूजा आदि गृहिणियों का कहना है कि पहले से ही दाल, मसाले, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हैं। अब खाद्य तेल के बढ़ते दामों ने घरेलू खर्च और बढ़ा दिया है। पेट्रो पदार्थ पर रेट बढ़ने से भाड़े में वृद्धि के चलते भी महंगाई बढ़ी है। बाजार जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में नरमी नहीं आई और पाम ऑयल की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो इनके दाम और बढ़ेंगे। फिलहाल बाजार में तेजी का माहौल बना है। उपभोक्ता राहत का इंतजार कर रहे हैं।