विधानसभा चुनाव-2017 के सियासी दंगल में जिले की मुख्य सदर सीट पर मुसलिम और जाट तय करेंगे कि किस प्रत्याशी का पलड़ा भारी रहेगा। यहां बसपा, सपा, भाजपा के साथ-साथ रालोद ने भी दमदार दावेदारी ठोंकी है। बिजली, पानी, सड़क, सुरक्षा और शिक्षा के मूलभूत मुद्दे उठाते हुए हर उम्मीदवार जातिगत आंकड़ा पेश कर खुद को औरों से आगे रहने का दावा कर रहा है।
दलित और मुस्लिम समीकरण को देखते हुए बसपा ने तीसरी बार सदर सीट से सिटिंग एमएलए मोहम्मद अलीम खान को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के उम्मीदवार वीरेंद्र सिंह सिरोही हैं। वीरेंद्र सिंह सिरोही को मो. अलीम खान ने विधानसभा-2012 के चुनाव में शिकस्त दी थी।
पिछली बार सपा के टिकट पर डिबाई विधानसभा से विधानसभा पहुंचे श्री भगवान शर्मा सदर से रालोद के उम्मीदवार हैं। वीरेंद्र सिंह सिरोही और श्रीभगवान शर्मा दोनों ही उम्मीदवार जाट वोटर्स पर अपना हक जता रहे हैं। यदि जाट बंटे तो दोनों ही उम्मीदवारों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वहीं सपा ने शुजात आलम को चुनाव मैदान में उतारा है। शुजात आलम ने यदि मुस्लिम मतदाताआें में सेंध लगाई तो इसका नुकसान जीत की हैट्रिक लगाने उतरे अलीम को भारी पड़ सकता है। कुल मिलाकर जीत का गणित सभी उम्मीदवारों का जातिगत है।
टिकट बंटवारे को देखते हुए तो ऐसा ही लग रहा है जैसे विकास का मुददा पार्टी लाइन से बाहर हो चला है। हालांकि हर जगह प्रत्याशी विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रचार कर रहे हैं।
जातिगत आंकड़े
मुस्लिम 95 हजार
एससी 70 हजार
जाट 50 हजार
गुर्जर 20 हजार
ब्राहमण 20 हजार
लोध-राजपूत 29 हजार
वैश्य 25 हजार
त्यागी 05 हजार
अन्य 65 हजार
कुल
महिला मतदाता 178192
पुरुष मतदाता 202919
कुल मतदाता 381137
साक्षरता दर 64.66 प्रतिशत