जमीन के विवाद में चाकू और कुल्हाड़ी से वार कर भाई की हत्या
खानपुर। थाना क्षेत्र के गांव नगला आलमपुर में जमीन के विवाद को लेकर तीन सगे भाइयों में झगड़ा हो गया। इस दौरान छोटे भाई ने चाकू और कुल्हाड़ी से प्रहार कर बड़े भाई की हत्या कर दी। इस दौरान मृतक की पत्नी, दो बेटे, एक बेटी और पुत्रवधू समेत छह लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं, शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना स्थल पर पहुंचकर एसएसपी समेत आला अधिकारियों ने जांच पड़ताल की है। साथ ही प्रकरण में लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने एक दरोगा को सस्पेंड किया है और दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है।
गांव नगला आलमपुर गांव निवासी तीन सगे भाई पुन्ना (55), धर्मवीर और राकेश में 700 गज की एक जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। बुधवार सुबह पुन्ना इस जमीन के टुकड़े के एक भाग में मिट्टी डाल रहा था। उसके बाद वह घर आ गया। इसके बाद सुबह करीब नौ बजे पुन्ना और उसकी पत्नी सुंदरी अपने घर में थे। तभी वहां से गुजर रहे धर्मवीर ने सुंदरी को गालियां देना शुरू कर दिया। सुंदरी द्वारा घटना का विरोध करने पर धर्मवीर भुगत लेने की बात कहते हुए सामने स्थित अपने घर से धारदार हथियार चाकू और कुल्हाड़ी ले आया और अपनी भाभी सुंदरी पर जानलेवा हमला कर दिया। छोटे भाई को अपनी पत्नी पर हमला करता देख पुन्ना ओर उसकी बेटी आरती ने बीच बचाव की कोशिश की। इस पर सबसे छोटा भाई राकेश भी धर्मवीर की साइड में हो गया और अपने बेटे राहुल और पवन के साथ पुन्ना के परिवार पर हमला कर दिया। हमले में पुन्ना व उसकी पत्नी सुंदरी, पुत्र प्रेमचंद, सुखवीर, पुत्री आरती आौर पुत्रवधु मीना गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने घायलों को उपचार के लिए खानपुर स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां से सभी की हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने पुन्ना को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पत्नी सुंदरी की हालत नाजुक बनी हुई है। जबकि दोनों बेटे, बेटी और पुत्रवधू का उपचार चल रहा है। वहीं, घटना की सूचना पाकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी स्याना भी मौके पर पहुंच गए। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। थाना प्रभारी को 12 घंटे में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की चेतावनी भी आलाधिकारियों ने दी है। पुलिस अधीक्षक नगर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना प्रांगण में कैंप भी किए हुए हैं।
पुलिस दिखाती तत्परता तो नहीं होता हादसा
पूरे घटनाक्रम में पुलिस की लापरवाही साफ उजागर हुई है। पुलिस की लापरवाही मृतक पुन्ना सिंह और उसके परिवार को भारी पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार पुन्ना, राकेश व धर्मवीर का आबादी से बाहर 700 गज के जमीन पर हिस्सेदारी को लेकर विवाद चल रहा था। जिस पर कई बार गांव के गणमान्य लोगों ने पंचायत कर विवाद को सुलझा दिया था। मंगलवार को भी जमीन को लेकर तीनों भाइयों में विवाद हो गया था जिस पर पुन्ना के पुत्र ने अपने चाचा पर हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को रिपोर्ट सौंपी थी। किंतु पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित का मेडिकल कराकर इतिश्री कर ली थी। पुलिस की इस लापरवाही का नतीजा अगले दिन हत्या के रूप में सामने आया तो सबका दिल दहल उठा।
सहमे बच्चों ने रोते हुए कहा, कमरे में बंद होकर बचाई जान
घटना की जांच करने पहुंचीं क्षेत्राधिकारी अलका सिंह के समक्ष मृतक पुन्ना सिंह के पौत्र पंकज व पौत्री रचना आपबीती सुनाते हुए फफक-फफक कर रो पड़े। घटनाक्रम बताते हुए कहा कि अम्मा का बचाव करने पर आरोपियों ने चाकू और कुल्हाड़ी से बाबा की गर्दन काट दी। जिसके बाद बीच-बचाव कराने आए पापा को भी उन लोगों ने नहीं छोड़ा कमरे में बंद होकर हमने अपनी जान बचाई है।
पुलिस करती कार्रवाई तो बच जाती मेरे ससुर की जान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के समक्ष मृतक पुन्ना की पुत्रवधू बाला ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुत्र वधू बाला ने रोते बिलखते कहा कि मंगलवार को आरोपियों द्वारा किए गए हमले के बाद उनके पति ने खानपुर पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने कार्रवाई के स्थान पर सिर्फ मेडिकल परीक्षण कराकर मामले की जांच कराने की बात कहकर वहां से टाल दिया। पुलिस घटनाक्रम के बाद आवश्यक कार्रवाई करती तो आरोपियों के हौसले बुलंद नहीं होते। आज जिस तरीके से आरोपियों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों में लाठी-डंडों से पूरे परिवार पर जानलेवा हमला किया उसके लिए पुलिस पूरी तरह से जिम्मेदार है।
दरोगा निलंबित, दो सिपाही लाइन हाजिर
थाना प्रभारी शिवकुमार सिंह के अवकाश पर जाने के कारण कार्यवाहक थाना प्रभारी व हल्का इंचार्ज उपनिरीक्षक शैलेंद्र जादौन की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया। साथ ही प्रकरण में लापरवाही मिलने पर सिपाही शमीम सैफी और राहुल कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है।
पुन्ना, राकेश और धर्मवीर तीनों भाइयों के बीच में एक जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद हुआ था। पुन्ना बुधवार को जमीन पर मिट्टी डाल रहा था, जिसको लेकर तीनों में मारपीट हो गई। मारपीट में पुन्ना की मृत्यु हो गई है। मामले में रिपोर्ट दर्ज का कार्रवाई की जा रही है। समयानुसार कार्रवाई न करने के कारण कार्यवाहक प्रभारी शैलेंद्र जादौन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दो संबंधित बीट पुलिस कर्मियों को भी लाइन हाजिर किया गया है।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी