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सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की गोपनीय जानकारी लीक, ठग हुए सक्रिय

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सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की गोपनीय जानकारी लीक, ठग हुए सक्रिय
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बुलंदशहर। सेवानिवृत्त हो चुके पुलिसकर्मियों की गोपनीय जानकारी साइबर ठगों के हाथ लग गई है। जिसकी मदद से अब ठग खुद को कोषागार विभाग का कर्मचारी बताकर रिटायर्ड कर्मचारियों से उनकी गोपनीय जानकारी लेकर बैंक खातों से ठगी कर रहे हैं। अब वरिष्ठ कोषाधिकारी ने पत्र जारी करते हुए पूर्व कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को फोन पर गोपनीय जानकारी न दें।
कोषागार कार्यालय में पिछले कई दिनों से पूर्व पुलिस कर्मचारी अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें फोन कर एक व्यक्ति खुद को कोषागार कर्मचारी बताता है और बाद में उनके सर्विस नंबर समेत अन्य गोपनीय जानकारी देता है। जिसके चलते आरोपी पर वह विश्वास कर लेते हैं। इसके बाद वह जीवित प्रमाण पत्र अपलोड करने के नाम पर ओटीपी पूछ लेते हैं और बैंक खातों से फर्जीवाड़ा हो जाता है। लगातार कई शिकायतें आने के बाद अब अंदेशा लगाया जा रहा है कि पूर्व पुलिस कर्मचारियों की गोपनीय जानकारी साइबर ठगों के हाथ लग चुकी है। ठगी के शिकार पीड़ित कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के लिए तहरीर दी है।
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ठगी की कहानी, पीड़ित की जुबानी
सहकारी नगर क्षेत्र के गांव अगरपुर निवासी सुरेश चंद ने बताया कि वह 31 जुलाई 2019 को 44 पीएसी मेरठ से सेवानिवृत्त हुए थे। 31 मई को उनके पास एक कॉल आई और फोन करने वाले ने खुद को कोषागार कार्यालय का कर्मचारी बताया। इसके बाद आरोपी ने पीएनओ नंबर के साथ पेंशन खाते का नंबर समेत अन्य जानकारी दी और कहा कि कोविड महामारी के कारण आपको अपना जीवित प्रमाण पत्र देने के लिए कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। इसके बाद आरोपी ने कुछ देर बातें की और इसी बीच आरोपी ने फोन पर ओटीपी भेजकर उसे पूछ लिया। इसके बाद आरोपी अन्य खातों की जानकारी भी मांगने लगा। जब आरोपी पर शक हुआ तो फोन काटकर बैंक पहुंचकर खाते की जांच कराई तो 52200 रुपये खाते से कट चुके थे। जिसके बाद उन्होंने मामले में कोषागार अधिकारी से मिलकर कार्रवाई की मांग की। साथ ही अपने बैंक खाते को बंद कराते हुए पुलिस को एफआईआऱ के लिए तहरीर दी है।
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साइबरों ठगों से बचाव के तरीके
- किसी भी व्यक्ति को फोन पर आया हुआ ओटीपी न बताएं, चाहे वह बैंक, सरकारी विभाग या अन्य विभाग का कर्मचारी होने का दावा करे।
- एटीएम से नकदी निकालने के दौरान ध्यान रखें कि अन्य कोई व्यक्ति आपकी गोपनीय जानकारी तो नहीं ले रहा है।
- एटीएम में रुपये निकालने के लिए केवल बूथ पर तैनात गार्ड की मदद लें।
- किसी भी प्रकार की संदिग्ध कॉल या लेनदेन की जानकारी तुरंत बैंक को दें।
कई रिटायर्ड पुलिसकर्मी इस तरह की शिकायत कर चुके हैं। सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अनुरोध है कि फोन पर किसी भी व्यक्ति को कोई जानकारी न दें, चाहे वह खुद को विभाग का कर्मचारी बताए, यदि आपको कोई भी जानकारी देनी है या विभाग को लेनी होगी तो आपको कार्यालय बुलाया जाएगा। बिना कार्यालय आए अपनी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति को न दें।
- सत्येंद्र पाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी
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