पिछले आठ सालों में बने नए मकान व दुकानों से गृह कर वसूली के लिए नगर पालिका की ओर से सर्वे शुरू कराया गया है। सर्वे के बाद नगर पालिका को कर से होने वाली आय दोगुना होकर 70 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी। फिलहाल सर्वे के लिए सात टीम लगाकर मार्च माह के अंत तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर पालिका क्षेत्र में करीब 7500 मकान व दुकान मालिकों से नगर पालिका टैक्स की वसूली करती है। प्रतिवर्ष इन करदाताओं से 35 लाख रुपये की आय नगर पालिका को होती है। वर्ष 2017 के बाद नगर पालिका की ओर से सर्वे नहीं कराया गया था। जिसके चलते पिछले आठ वर्षों में कस्बे में करीब सात हजार नए मकान व दुकान बन चुके हैं।
इन लोगों को नगर पालिका की ओर से सुविधा तो उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन इनसे टैक्स की वसूली नहीं की जा रही है। ऐसे में अब नए मकान व दुकानों के मालिकों से कर वसूली के लिए नगर पालिका की ओर से कदम उठाए गए हैं। योजना के तहत अधिकारियों ने सात टीम लगाकर सर्वे शुरू कराया है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि पिछले आठ वर्षों में कस्बे में करीब सात हजार नए मकान-दुकान बने हैं, जिनसे नगर पालिका को प्रतिवर्ष 35 लाख रुपये की आय होने की संभावना है। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी नीतू सिंह ने बताया की गृह कर रोपित करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। इससे प्रतिवर्ष नगर पालिका को औसतन 35 लाख रुपये की आय होने की संभावना है।