सेक्टर अल्फा-टू स्थित मदर डेयरी बूथ से लिए गए नमूने मानक के अनुरूप न होने पर मदर डेयरी फूड्स एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड पिलखुआ पर तीन लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। पनीर और खोया का सैंपल फेल होने पर एक दुकानदार पर चार लाख रुपये का जुर्माना हुआ है।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) कुमार विनीत ने बताया कि सेक्टर अल्फा-टू से 27 नवंबर 2014 को मदर डेयरी बूथ संख्या 18842 से फुल क्रीम मिल्क का सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया था। जांच में सैंपल मानक के अनुरूप नहीं निकला।
मामले की सुनवाई के दौरान कदीर अहमद और मदर डेयरी फूड्स एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड पिलखुआ को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी हुआ। सुनवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 26 (2) और मानक अधिनियम की धारा 51 के उल्लंघन की पुष्टि हुई, जिस पर दोषी करार देते हुए न्यायालय ने कंपनी पर तीन लाख रुपये और बूथ मालिक कदीर पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वहीं, नोएडा के सेक्टर-39 से दिगंबर सिंह के दुकान से लिए गए खोया और पनीर के सैंपल भी मानक के अनुरूप न होने पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।
‘गोपाल जी‘ पर ढाई लाख का आर्थिक दंड
अभिनिर्णायक अधिकारी और एडीएम इला गिरि ने अपने एक फैसले में अधोमानक दूध की बिक्री करने पर गोपालजी दुग्ध कंपनी बुलंदशहर पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभिनिर्णायक अधिकारी एडीएम इला गिरि ने बताया कि तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा ने 21 अक्तूबर 2013 को लोधिया बैरियर में गोपाल जी ब्रांड के दुग्ध वाहन का निरीक्षण किया था।