एमएलसी चुनाव में वोट डालने के बाद निशान को दिखाते वोटर।
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वोटिंग में गुरु जी आए फर्स्ट, ‘पढ़े-लिखे’ मतदाता आए थर्ड
बुलंदशहर। एमएलसी चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान संपन्न हुआ। हालांकि, मतदान प्रतिशत का आंकड़ा देखा जाए तो इस बार शिक्षक को छोड़कर स्नातक मतदाता विधानसभा चुनाव के मतदाताओं से पिछड़े नजर आ रहे हैं। खास तौर पर स्नातक के लिए पड़े मतों का प्रतिशत जनपद में वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव की अपेक्षा करीब 20 फीसदी कम रहा है।
बीते करीब एक माह से विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक के लिए चुनावी सरगर्मियां चढ़ी हुईं थीं। मंगलवार को हुए मतदान के बाद अब आगामी तीन दिसंबर को रिजल्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। मंगलवार को स्नातक और शिक्षक के लिए हुए मतदान प्रतिशत की बात की जाए तो स्नातक के लिए जनपद में 44.93 फीसदी मतदान हुआ। जबकि, शिक्षक के लिए 65.04 फीसदी मतदान हुआ है। यदि इन आंकड़ों का विश्लेषण गत 2017 में जनपद में हुए विधानसभा चुनाव और गत माह सदर सीट पर हुए उपचुनाव से किया जाए तो पढ़ा-लिखा तबका यहां पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में जनपद भर में आम जनता ने 64.27 प्रतिशत मतदान किया था। जो कि इस बार स्नातक के मतदान से करीब 20 प्रतिशत अधिक है। वहीं, शिक्षक के मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव से 0.77 फीसदी अधिक मताधिकार का प्रयोग कर आगे रहे हैं। साथ ही गत माह सदर सीट पर हुए उपचुनाव में मतदान प्रतिशत 52.65 रहा था। जो कि स्नातक से 7.63 फीसदी अधिक है। जबकि, शिक्षक के मतदान प्रतिशत का आंकड़ा यहां उपचुनाव के कुल फीसदी से करीब 11.48 फीसदी अधिक है। संपूर्ण आंकड़ों का खेल पढ़े लिखे मतदाताओं को आम चुनाव के मतदाताओं से पछाड़ता हुआ नजर आ रहा है। एक तरह से यह भी कहा जा सकता है कि गुरुजी 65.04 फीसदी मतदान करके फर्स्ट आएं हैं। वहीं, स्नातक मतदाता 45 प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं पार कर पाए हैं।
दनकौर रोड और हाईवे पर रहे जाम के हालात
सिकंदराबाद। अग्रसेन इंटर कॉलेज में मतदान के चलते लोगों की आवाजाही से दनकौर रोड पर दिन भर जाम के हालात रहे। दनकौर रोड पर जाम से नगर से होकर गुजर रहे स्टेट हाईवे पर भी जाम लगा रहा। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस को दिन भर मशक्कत करनी पड़ी।