जुलाई में परिजनों ने जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन में बच्चे के माता-पिता के आधार कार्ड की छायाप्रति लगाई गई। आधार कार्ड के अनुसार बच्चे की मां की जन्मतिथि 02.02.2010 है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय पर दी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय से बाल विवाह होने की बात कहकर डीएम, एसएसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
निजी अस्पताल पर भी हो सकती है कार्रवाई
कम उम्र में प्रसव कराना कानूनी अपराध है। निजी अस्पताल संचालक ने किशोरी का प्रसव कराया लेकिन इसकी जानकारी अस्पताल संचालक ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी। इस मामले में परिजनों के अलावा निजी अस्पताल संचालक की भी लापरवाही सामने आ रही है।
बाल विवाह साबित होने पर होगी कार्रवाई
जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के अनुसार नाबालिग का विवाह गैर कानूनी है। यह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9, 10 व 11 के अंतर्गत आता है। बाल विवाह साबित होने पर युवक व युवती के परिजनों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन आने पर स्वास्थ्य विभाग को जांच के लिए भेजे जाते हैं। वहां से रिपोर्ट लगने के बाद आवेदन का पंजीकरण किया जाता है। - डॉ. अश्विनी कुमार, पालिका ईओ
पालिका से जन्म प्रमाणपत्र को लेकर एक पत्र आया था। जांच में जन्म देने वाली मां की उम्र 16 वर्ष के करीब मिली। जांच के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को पत्र भेजा गया। प्रसव कराने वाले निजी अस्पताल की भी जांच कराई जाएगी। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया है। साथ ही डीएम को भी मामले से अवगत कराने को पत्र लिखा है। - जय प्रकाश यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी