जनपद की शुगर मिलों को 15 जुलाई तक किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान करना होगा। डीएम ने चीनी मिलों को अल्टीमेटम दे दिया है। इसी क्रम में 16 जुलाई को डीएम ने चीनी मिल प्रबंधकों की मीटिंग भी बुलाई है। बता दें कि शुगर मिलों पर किसानों का 58 करोड़ रुपये बकाया है।
बकाया भुगतान न होने पर रालोद और भाकियू के बैनर तले किसान कई बार चीनी मिलों और प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं।अनूपशहर शुगर मिल, साबितगढ़ शुगर मिल और अनामिका शुगर मिल सहित हापुड़ की ब्रजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल पर किसानों का 58 करोड़ रुपये बकाया है।
बकाया गन्ने का भुगतान एक पखवाड़ा पहले हो जाना चाहिए था लेकिन अब तक चीनी मिलों ने किसानों का गन्ना भुगतान नहीं किया है। पिछले दिनों भाकियू और रालोद ने डीएम से मिलकर गन्ना बकाया भुगतान की मांग की थी। इसे लेकर किसानों ने कलक्ट्रेट में हंगामा भी किया था।
अनूपशहर में भी किसानों ने पंचायत कर प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी थी। किसानों के बढ़ते दबाव के चलते डीएम शुभ्रा सक्सेना ने चीनी मिलों को 15 जुलाई तक का अल्टीमेेटम दिया है।
15 तक भुगतान नहीं करने पर चीनी मिल प्रबंधकों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। 15 जुलाई तक पेमेंट हुआ या नहीं, इसका पता लगाने के लिए डीएम शुभ्रा सक्सेना ने 16 जुलाई को मिल प्रबंधकों की बैठक बुलाई है।
चीनी मिलो को सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिल चुकी है। इसके बावजूद प्रबंधन पेमेंट नहीं कर रहा है। पेमेंट नहीं होने से किसान परेशान हैं। - राजीव चौधरी, जिलाध्यक्ष, रालोद
प्रशासन ने 15 जुलाई तक मोहलत मांगी है। यदि 15 जुलाई तक भुगतान नहीं हुआ तो किसान रेल रोकने के लिए मजबूर होंगे। - बिशन सिंह सिरोही, जिलाध्यक्ष, भाकियू
चीनी मिलों को 15 जुलाई तक गन्ना बकाया पेमेंट करना होगा। ऐसा नहीं होने पर एफआईआर करवाई जाएगी। - शुभ्रा सक्सेना, डीएम
चीनी मिलों को मिली मदद
चीनी मिलों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिल गई है। केंद्र की ओर से 4.50 रुपये प्रति क्विंटल और राज्य सरकार की ओर से 25 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मदद दी गई है।