बुलंदशहर। करीब तीन दशक पुराने चोरी के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एसीजे-एसडी द्वितीय अर्जुन डबास की अदालत ने दोषी के जेल में बिताई गई दो माह 12 दिन की अवधि को सजा के रूप में पर्याप्त माना है।
मामला जनपद के स्याना कोतवाली क्षेत्र का है। वर्ष 1996 में गांव बैरा फिरोजपुर निवासी मदन का पानी भरने वाला पंखा चोरी हो गया था। इस संबंध में पीड़ित ने गांव के ही मोहन के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने 10 नवंबर 1996 को एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर माल बरामदगी कर ली थी। विवेचना के बाद 14 फरवरी 1997 को पुलिस ने न्यायालय में जांच पूरी कर आरोपी मोहन के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर दाखिल कर दिया था।
न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर मोहन को दोषी पाया है। मामला 30 साल पुराना था, इसलिए न्यायालय ने दोषी द्वारा पूर्व में जेल में काटी गई अवधि को ही सजा के रूप में पर्याप्त माना है।