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साजिश , दावत और फिर हत्या ... समय लगा तीन माह

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साजिश, दावत और फिर हत्या...समय लगा तीन माह
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बुलंदशहर। खुर्जा में हुई अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी की हत्या भी साजिश के तहत अंजाम दी गई। हालांकि, अधिवक्ता की हत्या बीते 25 जुलाई को ही कर दी गई थी। लेकिन इस हत्याकांड की साजिश तीन माह से रची जा रही थी। लगातार तीन माह से आरोपी मृतक अधिवक्ता को दावत दिए जा रहा था। आरोपी हर दावत के साथ अधिवक्ता को मौत की नींद सुलाने की गहरी साजिश रचे हुए था। लेकिन, प्रत्येक दावत के दौरान घटना को अंजाम देने से पहले कोई न कोई आरोपी का ही जानकार या दोस्त मौके पर आ धमकता था। इस कारण आरोपियों को वारदात को अंजाम देने में समय लग गया। फिलहाल तीनों आरोपी जिला कारागार के सलाखों के पीछे बंद है। लेकिन, वारदात के दिन प्रतिदिन परतें खुलती जा रही हैं।
गौरतलब है कि खुर्जा क्षेत्र से गत 25 जुलाई को अधिवक्ता एवं प्रापर्टी का व्यवसाय करने वाले धर्मेंद्र चौधरी लापता हो गए थे। पुलिस ने लावारिस हालत में मिली उनकी बाइक के आधार पर खबरा के जंगल में तलाश शुरू कराई। छह दिन तक पुलिस गुमराह होती रही। परिजनों से मिले सुराग के बाद पुलिस ने अधिवक्ता के दोस्त विक्की लाला और उसके दो नौकरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपी दोस्त के टाइल्स गोदाम से अधिवक्ता का शव बरामद हो गया। सूत्रों की माने तो काफी समय से आरोपी विक्की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। वह लगातार बीते दिनों लागू हुए लॉकडाउन के दौरान से ही अपने शोरूम के पीछे बने गोदामों में अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी के लिए दावतों का दौर चला रहा था। बताया गया कि गत 25 जुलाई तक आरोपी करीब 12 से 14 बार दावतें दे चुका था। आरोपी ने तीन माह पूर्व अपने दोनों नौकरों को इस साजिश में शामिल कर लिया था। चौकी से चंद कदम की दूरी पर स्थित उसके गोदाम में उसके दावत के दौर की जानकारी उसके अन्य मित्रों को भी थी। लेकिन उन दोस्तों को यह जानकारी नहीं थी कि आरोपी विक्की किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी कारण गोदाम में चलने वाली दावत की जानकारी मिलते ही कोई ना कोई दोस्त या जानकार वहां आ धमकता था। इस कारण व्यक्ति और उसके नौकर घटना को अंजाम नहीं दे पा रहे थे। लेकिन बीते 25 जुलाई को आरोपियों को मौका मिला और उन्होंने अधिवक्ताओं को खाना खाने से पहले ही मौत के घाट उतार दिया।
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अधिवक्ता हत्याकांड में तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान साजिशन हत्या की बात सामने आई है। साथ ही जांच के दौरान आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे वह चार्जशीट में जोड़ दिया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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