सिपाही अजमत खान की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के लिए संजीदगी नहीं दिखाई।
अफसरों ने अजमत के इलाज में खर्च संबंधी रिपोर्ट ही शासन को नहीं भेजी। रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण सरकार ने सिपाही के परिवार को अब तक आर्थिक मदद नहीं दी।
इसका खुलासा अब हुआ जब मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने प्रशासन के अधिकारियों से इस मामले की रिपोर्ट तलब की।
11 अक्तूबर को जिला अस्पताल में लगाए गए इंजेक्शन के बाद सिपाही अजमत के शरीर में तेजी से इंफेक्शन फैल गया था।
शरीर फट न जाए, इसलिए मेरठ में डाक्टरों की टीम को अजमत के शरीर में तीन जगह कट लगाने पड़े। हालांकि 28 अक्तूबर को दिल्ली में इलाज के दौरान अजमत जिंदगी की जंग हार गया।
अजमत के इलाज पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने शासन को रिपोर्ट भेज इलाज में खर्च हुई धनराशि को शासन से दिलवाने का दावा पीड़ित परिवार से किया था।
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने प्रभारी डीएम आरके सिंह को फोन कर अजमत प्रकरण की रिपोर्ट मांगी। आनन-फानन में अफसरों ने मुख्यमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट फैक्स की।
बता दें कि एक सप्ताह पूर्व अजमत के परिजन लखनऊ में मुख्यमंत्री से मिले थे। इसके बाद आर्थिक मदद मुहैया कराने की हरकत शुरू हुई है।
मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने रिपोर्ट मांगी है जो भिजवा दी गई है। पहले भी रिपोर्ट भेज दी गई थी। जल्द ही सिपाही अजमत के परिवार को आर्थिक मदद मिल जाएगी।- आरके सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व