लालबत्ती नहीं मिलने से बुलंदशहर में भाजपा समर्थक मायूस हैं। सदर विधायक एवं पूर्व राजस्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही को लालबत्ती मिलने की प्रबल संभावना थी। समर्थकों ने लालबत्ती को लेकर जश्न की तैयारी कर ली थी। मगर शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मायूसी हाथ लगी।
चुनाव में जिले की सभी सात सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी हुई थे। सदर विधायक वीरेंद्र सिंह सिरोही पहले भाजपा सरकार में राजस्व मंत्री भी रहे हैं। इसलिए लालबत्ती की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी। यही कारण था जिले में तमाम भाजपाई उनके साथ लखनऊ कूच कर गए थे।
विधायक वीरेंद्र सिंह सिरोही का परिवार भी समर्थकों के साथ लखनऊ में मौजूद रहा। दोपहर बाद सवा दो बजे जैसे ही मंत्री मंडल के सदस्यों ने शपथ लेनी शुरू की बुलंदशहर वासियों की आस टूट गई। किसी को कुछ भी समझ में नहीं आया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ कि सिरोही का लालबत्ती से नहीं नवाजा जा सका?
अनूपशहर से विधायक संजय शर्मा को उमा भारती का नजदीकी मानते हुए कयास लगाए जा रहे थे कि वीरेंद्र सिंह सिरोही के बाद संजय लालबत्ती के प्रबल दावेदार होंगे। संजय शर्मा को भी लालबत्ती से नहीं नवाजा जा सका। जिला महामंत्री अनिल शिशौदिया का मानना है कि सिरोही साहब को जल्द ही बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा जाएगा।
जिलाध्यक्ष हिमांशु मित्तल का कहना है कि जल्द ही सिरोही साहब को बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। मंत्री मंडल में 65-66 सदस्य हो सकते हैं। अभी 50 से कम ही विधायकों को मंत्री बनाया गया है।