बुलंदशहर। मासूम का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी को कोर्ट ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दोषी को फांसी की सजा दिलाने के लिए उच्च न्यायालय में अपील दायर करेंगे।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो महेश राघव और सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि 26 जुलाई 2019 को पहासू क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया गया था। बच्ची की मां ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि चार वर्षीय बेटी और दो वर्षीय बेटे के साथ वह मायके आई हुई थी। 26 जुलाई को गांव में ही एक बच्चे के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए गई थी। वहां गांव निवासी सौरभ भी आया था। कार्यक्रम से लौटने के बाद वह अपने बच्चों के साथ घर में सो गई थी। सुबह उठने पर देखा तो बेटी लापता थी। काफी खोजबीन की गई लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी सौरभ ने बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
इसके बाद पुलिस आरोपी के साथ वारदात स्थल पर गई। एक रजवाहे की पुलिया के नीचे से मासूम बच्ची का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से आरोपी सौरभ जेल में बंद है। अब विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तरुण कुमार सिंह ने स्वतंत्र गवाह, पोस्टमार्टम करने वाली चिकित्सक समेत 10 गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर सौरभ को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पॉक्सो और दुष्कर्म के मामले में 50 हजार, हत्या के मामले में 50 हजार, बच्ची के अपहरण के मामले में 25 हजार और अपराध की जानकारी छिपाने के मामले में 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
पीड़ित पक्ष ने दोषी के लिए मांगी थी फांसी
विशेष लोक अभियोजक सुनील शर्मा व महेश राघव ने पीड़ित पक्ष की ओर से दोषी के लिए फांसी की मांग की थी। इस दौरान अधिवक्ताओं ने तर्क दिया था कि समाज में मासूम बच्चियों को देवी का रूप माना जाता है। चार वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी सौरभ ने पूरे समाज की भावनाओं को आहत किया है। ऐसे में दोषी को फांसी की सजा सुनाते हुए अपराधियों को एक संदेश दिया जाना आवश्यक है। मृतका की मां का कहना है कि कोर्ट के फैसले का वह सम्मान करती हैं लेकिन दोषी को फांसी दिलाने के लिए उच्च न्यायालय में अपील करेंगी।