बुलंदशहर। आपसी विवाद के बाद पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी ठहराया है। साथ ही दोषी को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
गुलावठी निवासी सुशीला ने 19 फरवरी 2022 को पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी पूनम की शादी वर्ष 2017 में हापुड़ के कोटला सादात पटवारीपुरा निवासी नीरज के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही पूनम और नीरज के बीच मतभेद रहने लगे थे। इसके चलते पूनम बुलंदशहर के मोहल्ला सुशीला बिहार में किराये पर रहने लगी थी। रोजी-रोटी चलाने के लिए पूनम ने गांव बराल में महिलाओं का इलाज करने का काम शुरू किया था।
आरोप है कि 19 फरवरी को पूनम का पति नीरज गांव बराल स्थित पूनम की दुकान पर पहुंचा और सर्जिकल ब्लेड से वारकर हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी नीरज के खिलाफ रिपोर्ट दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दायर किया गया था। अब अपर सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या एक के न्यायाधीश विजयपाल की कोर्ट ने आरोपी नीरज को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।