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Bulandshahar News: युवक की हत्या के चार दोषियों को आजीवन कारावास

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बुलंदशहर। घर के बाहर युवक की गोली मारकर हत्या के चार आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। साथ ही दोषियों पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। नवंबर 2020 में वारदात हुई थी।
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एक नवंबर 2020 को जहांगीराबाद के गांव खालौर निवासी दिनेश ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि वह शिमला की एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। 31 अक्तूबर 2020 की देर रात करीब तीन बजे उनके पास फोन आया कि उसके छोटे भाई ह्रदेश उर्फ छोटू को घर के बाहर अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी है। जब उनकी मां सरोज व ह्रदेश की पत्नी जया ने घर से बाहर आकर देखा तो कुछ आरोपी बाइक से भाग गए, जबकि खून से लथपथ ह्रदेश जमीन पर पड़ा था। अस्पताल में भर्ती कराने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
बताया कि गांव आकर पता चला कि गांव में एक कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था और वहां से लौटने के दौरान आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस की जांच के दौरान आरोपी सौरभ व कपिल का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी सौरभ को गिरफ्तार किया तो सौरभ ने पुलिस को नेत्रपाल उर्फ नेता और मुकेश का नाम बताया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभिमन्यु सिंह की कोर्ट ने चारों आरोपी नेत्रपाल उर्फ नेता, मुकेश, सौरभ और कपिल को हत्या का दोषी पाया। साथ ही कोर्ट ने चारों दोषियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए हत्या के लिए 20-20 हजार रुपये और हत्या की साजिश रचने के लिए सश्रम आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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आदतन अपराधी हैं दोषी, सख्त सजा की मांग

पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट से अपील की कि ह्रदेश की हत्या के चारों दोषी आदतन अपराधी हैं। उनके खिलाफ पहले से ही कोर्ट में हत्या समेत अन्य मामले विचाराधीन हैं। ऐसे में आवश्यक है कि चारों दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए। जबकि दोषियों के पक्ष की ओर से अपील की गई कि दोषी सौरभ अपने पिता की इकलौती संतान है और उसके बाद परिवार को देखने वाला कोई नहीं है, दोषी नेत्रपाल उर्फ नेता के पिता की मौत हो चुकी है और उसकी मां बूढी है। दोषी मुकेश और कपिल के जेल जाने से उसके परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में सभी को कम से कम सजा दी जाए।
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