संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। नरसेना थाना क्षेत्र में जनवरी 2012 में हुई गवाह की हत्या के पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने दोषियों पर लगभग छह लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नितिन त्यागी और अजीत कुमार सक्सेना ने बताया कि नौ जनवरी 2012 को इंद्राज सिंह निवासी गांव सुलैला ने नरसेना थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनका बेटा ईश्वर सिंह शाम करीब साढ़े चार बजे भैंसा बुग्गी लेकर बुगरासी से गांव लौट रहा था। घनश्याम के ट्यूबवेल के निकट पहुंचा तो अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर की लेकिन 26 दिन तक भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।
इसके बाद इंद्राज सिंह ने एक शिकायती पत्र न्यायालय में दिया। उसमें उन्होंने बताया कि उनके बेटे ईश्वर सिंह की हत्या हरेंद्र, मुनेंद्र, रविंद्र निवासी गांव सुलैला, राहुल निवासी गांव शहवाजपुर थाना आदमपुर जनपद जेपी नगर और महेंद्र पाल सिंह निवासी गांव खुर्लिया थाना आदमपुर ने की है। उन्होंने बताया कि घटना के समय ईश्वर के साथ गांव निवासी हरस्वरूप भी था। उसी ने इन आरोपियों के नाम बताए हैं। घटना के समय हमलावरों ने हरस्वरूप को बुग्गी से नीचे फेंक दिया था। इसके बाद ईश्वर की गोली मारकर फरार हो गए थे।
इंद्राज सिंह ने बताया कि वह फतेह सिंह की हत्या गवाह हैं। उनका बेटा ईश्वर सिंह गांव निवासी मनवीर सिंह की हत्या में गवाह था। दोनों ही हत्याकांड को ईश्वर की हत्या कराने वाले आरोपियों ने ही अंजाम दिया था। न्यायालय में शिकायत के बाद मामले में थाना पुलिस ने जांच कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश,त्वरित न्याय कक्ष संख्या तृतीय रितिका त्यागी के न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर पांचों आरोपियों हरेंद्र, मुनेंद्र, रविंद्र, राहुल और महेंद्र पाल सिंह काे दोषी करार दिया है। उन्हें आजीवन कारावास सजा सुनाने के साथ पांचों पर 1.18 - 1.18 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।