बुलंदशहर। गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव अकबरपुर झोझा में विवाहिता रिजवाना की हत्या के मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार ने हत्यारोपी ससुर को दोषी माना है। दोषी को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
एडीजीसी प्रवेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि वादी भगलू निवासी गांव अतराड़ा मेरठ ने आठ मई 2019 को गुलावठी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि उन्होंने अपनी बेटी रिजवाना का निकाह वर्ष 2011 में शहरोज निवासी अकबरपुर झोझा थाना गुलावठी के साथ किया था। रिजवाना ने कई बार अपने पिता से शिकायत की थी कि पति, सास, ससुर और ननद अतिरिक्त दहेज की मांग कर उसे प्रताड़ित करते हैं। पांच मई 2019 को उनकी बेटी मायके से ससुराल गई थी। तीन दिन बाद ही ससुराल से एक व्यक्ति उनके घर आया और बताया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। सूचना पर वह अकबरपुर झोझा गांव पहुंचे, जहां रिजवाना का शव लहूलुहान हालत में घर के बाहर पड़ा था। पीड़ित पिता ने रिजवाना के पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज की मांग और गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में सामने आया कि ससुर फतेहद्दीन खां ने विवाद के कारण नल के लोहे के हत्थे से सिर में वार कर रिजवाना की हत्या की थी। आरोपी फतेहद्दीन ने न्यायालय में याचिका दायर की थी कि वह 70 वर्ष का बुजुर्ग है और उसका बेटा विदेश में रहता है। सोमवार को हत्यारे वृद्ध को अपर सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर दोषी मानकर आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।