बुलंदशहर। नाबालिग किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट कोर्ट तृतीय के न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा ने सुनाया। दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला 20 सितंबर 2018 का है, पीड़िता की मां ने कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि शास्त्री नगर, गली नंबर एक निवासी आशीष और राम बिहार निवासी सुनील ने उसकी नाबालिग बेटी को घर छोड़ने के बहाने गाड़ी में बैठाया और फिर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद 10 अक्टूबर 2018 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
मामला एडीजे स्पेशल पॉक्सो एक्ट की अदालत में विचाराधीन रहा। करीब सात वर्षों की लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियुक्त आशीष और सुनील को दोषी करार दिया। संवाद