देवी का प्रकोप उतारने के बहाने गंगा किनारे महिला का खून निकालने की कोशिश की गई। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े तो तांत्रिक भाग निकले। इस दौरान गंगा किनारे बच्ची की बलि का शोर मचा तो सनसनी फैल गई। पुलिस पहुंची और पीड़िता को थाने ले आई। बाद में पीड़िता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दो तांत्रिकों को गिरफ्तार कर लिया।
कस्बे के मोहल्ला मोरीगेट नई बस्ती निवासी कंचन अग्रवाल की शादी चार साल पहले दिल्ली निवासी अंकुर गर्ग से हुई थी। पिछले कुछ दिनों से उसकी सुसराल वालों से बन नहीं रही है। इसके चलते वह अनूपशहर के मोहल्ला मोरीगेट नई बस्ती में रह रही है।
देर शाम थाना शिकारपुर के गांव नगलिया नूरपुर निवासी रंजीत और थाना अहार के गांव अमरपुर निवासी दया शर्मा आए और कहने लगे कि तुम पर देवी का प्रकोप है। उसे उतारने के लिए 1500 रुपये खर्च करने होंगे। उन्होंने कंचन से 1500 रुपये भी ले लिए और कंचन को उसकी दो साल की बेटी के साथ मंसूरी गंगाघाट पर ले आए।
वहां पूजा-पाठ के दौरान उन्होंने कंचन से कहा कि देवी को खुश करने के लिए उसके खून की जरूरत है। यह कहकर एक तांत्रिक ने चाकू निकाला तो कंचन चीख पड़ी। उसकी चीख सुनकर घाट पर मौजूद लोग दौड़ पड़े।
लोगों को देख तांत्रिक भाग गए। इसी दौरान बलि का शोर मचा तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर जाकर से गोला, चाकू, सिंदूर, राल आदि तंत्र क्रिया का सामान बरामद किया है।