शहर, नगर और कस्बों की रामलीलाओं में बृहस्पतिवार को कहीं राम वन गमन, सूपर्णखा नासिका भंग तो कहीं भरत मनावन प्रसंग का मंचन किया गया। इस दौरान लगे मेले में लोगों ने झूले आदि का लुत्फ उठाया।
नुमाइश ग्राउंड में श्री रामलीला सभा की ओर आयोजित रामलीला में राम वन गमन और लक्ष्मण द्वारा सूपर्णखा की नाक काटने आदि लीला का मंचन किया गया। इस दौरान सभा के सदस्य अमित मित्तल, राकेश गोयल, प्रदीप अग्रवाल, सुखदेव मौजूद रहे।
वहीं, सिकंदराबाद में राम वन गमन लीला का मंचन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष हरेंद्र यादव ने रामलीला मैदान पर बेसमेंट सहित स्थायी मंच बनवाने की घोषणा की। इस दौरान अरविंद दीक्षित, त्रिलोकचंद गर्ग, सचिन शर्मा, भूपेंद्र कौशल मौजूद रहे। डिबाई में लंका दहन लीला का मंचन हुआ।
माता सीता को हर ले गया रावण
कस्बे में आयोजित रामलीला में बृहस्पतिवार को सीता हरण और जटायु वध लीला का मंचन किया। रामलीला कमेटी के सदस्यों ने राम सीता व लक्ष्मण की आरती उतारी। जहांगीराबाद के टाउन स्कूल मैदान में जनता आदर्श रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में खर-दूषण वध, सीता हरण लीला का मंचन हुआ।
कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि एकादशी के दिन महाकाली की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली जाएगी। गुलावठी में राम वन गमन, केवट संवाद लीला का मंचन हुआ। इस दौरान अनिल सिंहल, मीनू गर्ग, प्रदीप शर्मा, रवि वर्मा, दीपक कंसल मौजूद रहे। बुगरासी में सीता के हरण की लीला का मंचन किया गया।
जब जलेगा रावण तो होगा ‘उजियारा’
इस बार दशहरा पर रावण दहन कुछ खास होगा। रावण दहन के समय पुतले से रंग-बिरंगी रोशनी निकलेगी। साथ ही भव्य आतिशबाजी होगी। रावण के मुख और नेत्र आग के शोले उगलेंगे तो कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों से एक के बाद एक पटाखों की आवाज और उनसे निकलने वाली रोशनी माहौल को रंग-बिरंगा बना देगी।
बता दें कि दशहरा महोत्सव 11 अक्तूबर को शाम चार बजे से नुमाइश मैदान में शुरू होगा। लंकापति रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुतला बनाने का कार्य जारी है। कारीगर गंगासरन ने बताया कि पुतलों में ऐसी आतिशबाजी और गोले लगाए जाएंगे जो आवाज करेंगे तो रोशनी की चकाचौंध सबको हैरान कर देगी।
पुतला बनाने में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो और किसी प्रकार की क्षति न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पुतलों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया जाएगा। श्रीरामलीला सभा के अध्यक्ष मनोज गर्ग ने बताया कि दशहरा महोत्सव पर दहन के लिए रावण का 50, कुंभकरण का 45 और मेघनाद का 40 फीट ऊंचा पुतला होगा।